Thursday, July 19, 2012

प्रधानमंत्री को सरकार की विश्वसनीयता बहाल करनी चाहिए: टाटा

प्रधानमंत्री को सरकार की विश्वसनीयता बहाल करनी चाहिए: टाटा

Thursday, 19 July 2012 13:21

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (एजेंसी) टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सरकार की विश्वसनीयता बहाल करनी चाहिए तथा जिन सुधारों का वादा किया गया है, उन्हें क्रियान्वित कर देश को एक बार फिर वृद्धि के रास्ते पर लाना चाहिए।


टाटा ने विपक्ष, मीडिया तथा सत्तारूढ़ दल के 'कुछ सदस्यों' को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश के समक्ष मौजूदा आर्थिक संकट के लिये अकेले प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।
टाटा ने ट्विटर पर लिखा है, ''अब समय आ गया है कि हमारे प्रधानमंत्री पुरानी परंपरा को तोड़ें, सरकार की विश्वसनीयता बहाल करें और जिन सुधारों का वादा किया है, उन्हें क्रियान्वित करने के साथ प्रगति के रास्ते की बाधाओं को दूर कर देश को फिर से तरक्की के रास्ते पर लायें।''
उन्होंने कहा कि देश पिछले लगभग 12 महीने में प्रगति के रास्ते से हट गया है, निवेश विश्वास कम हुआ है और मुद्रास्फीति बढ़ी है। इस लिहाज से सरकार ने जो भी कदम उठाये हैं, वे पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, ''...लेकिन सब के लिये अकेले प्रधानमंत्री को दोष देना पूरी तरह गलत और गुमराह करने वाला है।''     
मनमोहन सिंह के प्रति विश्वास और समर्थन जताते हुए टाटा ने कहा, ''यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले कुछ महीनों में विपक्ष, मीडिया तथा कुछ नागरिक तथा सत्तारूढ़ दल के भी कुछ सदस्योें ने प्रधानमंत्री के खिलाफ बोला और लिखा। उन्होंने यह बात ऐसे व्यक्ति के खिलाफ बोली जो 90 के दशक में आर्थिक सुधारों का सूत्रधार था और जिसने आर्थिक समृद्धि

लाने के साथ हमारे देश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलायी।''
टाटा ने कहा कि वे इस तथ्य को नजरअंदाज कर गये कि सभी के साथ स्नेह रखने वाले हमारे प्रधानमंत्री ने गरिमा तथा ईमानदारी के साथ देश का नेतृत्व किया।
रतन टाटा ने कहा, ''हमें यह भी देखना चाहिए कि राजनीतिक अंतर्कलह से खासा नुकसान हुआ है, सरकार को गिराने के विपक्ष के एक सूत्री कार्यक्रम, आरोप-प्रत्यारोप तथा भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सरकार का पूरा काम ही एक तरह से ठप हो गया है।''
मीडिया पर अपनी नाराजगी जताते हुए टाटा ने कहा, ''अपना प्रसार बढ़ाने के लिये मीडिया में आने वाली अपुष्ट और सनसनीखेज खबरों पर हमें चिंता होनी चाहिए।''
हाल ही में 'टाइम' पत्रिका ने सिंह को 'फिसड्डी' करार दिया था वहीं ब्रिटेन के अखबार 'द इन्डिपेंडेन्ट' ने उनके बारे में अपनी एक रिपोर्ट का शीर्षक रखा था 'भारत का मसीहा या सोनिया के हाथ का खिलौना।'
टाटा ने यह भी कहा कि देश को सत्ता के दलालों तथा निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा सरकारी नीतियों में हेराफेरी को लेकर भी सजग होना चाहिए क्योंकि ऐसे तत्वों तथा गुटों का मकसद अपना हित साधना और अपने फायदे के लिये सरकारी संरक्षणों को बनाये रखना होता है।
उन्होंने कहा कि भारत की जनता को सिंह का साथ देना चाहिए क्योंकि यह देश के लिये बड़ा नाजुक दौर है। देश और दुनिया की निगाहें प्रधानमंत्री पर लगी हैं कि क्या वे फिर से देश को आर्थिक समृद्धि के रास्ते पर ला पाएंगे। उन्हें साहसी और उपयुक्त कदम उठाने की जरूरत होगी। 
टाटा ने कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि देश के वास्ते वह यह करेंगे।''

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