Sunday, February 19, 2012

केंद्र ने मेघालय में उग्रवादी विरोधी अभियान में सेना को शामिल करने से इनकार

केंद्र ने मेघालय में उग्रवादी विरोधी अभियान में सेना को शामिल करने से इनकार

Sunday, 19 February 2012 16:55

शिलांग, 19 फरवरी (एजेंसी) केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने आज कहा कि केंद्र ने मेघालय में जीएनएलए की आतंकवादी गतिविधियों को गंभीरता से लिया है लेकिन उन्होंने उग्रवादी विरोधी अभियान में सेना को शामिल करने की संभावना से इनकार किया। राज्य की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के बाद चिदम्बरम ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्र ने मेघालय के पश्चिमी हिस्से में संप्रभु गारो भूमि के लिए लड़ाई लड़ रहे जीएनएलए की आतंकवादी गतिविधियों को गंभीरता से लिया है।
लेकिन राज्य में उग्रवादी विरोधी अभियान में सेना को शामिल करने की संभावना से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, ''राज्य पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल :सीआरपीएफ: और सीमा सुरक्षा बल :बीएसएफ: इस मुद्दे से निबटने में बिल्कुल सक्षम हैं। उनकी संख्या छोटी है.....हम जीएनएलए के उग्रवाद के खात्मे के लिए कृतसंकल्प हैं.....सुरक्षा बल उनकी गतिविधियों पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।''
इस सवाल पर कि केंद्र उनके साथ वार्ता करेगा, चिदम्बरम ने कहा, ''उनके साथ वार्ता का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्हें हिंसा

छोड़नी होगी, हथियार डालने पड़ेंगे फिर हम देखेंगे।''

चिदम्बरम ने कहा, ''केंद्र ने :करीब एक माह पहले: जीएनएलए को आतंकवादी संगठन घोषित किया है तथा जान बूझकर या अनजाने में इसकी मदद करने वाले सभी तत्व इस बात को ध्यान में रखें। कोई भी उसे प्रत्यक्ष या गुप्त समर्थन नहीं कर सकता, उसके कार्यकर्ताओं को शरण नहीं दे सकता, उसे धन नहीं दे सकता है या धन उगाहने में मदद कर सकता है । कानून ऐसे सभी लोगों पर कार्रवाई करेगा। ''
जीएनएलए मेघायल में अपहरण, फिरौती और हत्या जैसे अपराधों में संलग्न है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने हालांकि अन्य अलगाववादी संगठन अचिक नेशनल वोलंटियर काउंसिल :एएनवीसी : के साथ वार्ता प्रक्रिया पर खुशी जतायी।
उन्होंने कहा, ''हम खुश हैं, हम वार्ता जारी रखेंगे, मुझे खुशी है कि सरकार एएनवीसी से वार्ता कर रही है।''
हालांकि चिदम्बरम ने इस बात पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि एक अन्य भूमिगत संगठन हिन्नेवट्रैप नेशनल लिबरेशन काउंसिल के खिलाफ अभियान को लेकर राज्य सरकार के साथ बातचीत हुई है या नहीं।

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Welcom

Website counter

Census 2010

Followers

Blog Archive

Contributors