Sunday, August 29, 2010

अमेरिका से सावधान पुनश्च पांच तेल युदध की चपेट में भारत। अब एनआरआई बनेंगे सांसद, मंत्री और प्रधानमंत्री।

अमेरिका से सावधान पुनश्च पांच

तेल युदध की चपेट में भारत। अब एनआरआई बनेंगे सांसद, मंत्री और प्रधानमंत्री।

पलाश विश्वास
http://indianholocaustmyfatherslifeandtime.blogspot.com/
  1. एनआरआई, मतदान, वीरप्पा मोइली, राज्य ...

  2. 21 अगस्त 2010 ... विदेशों में रह रहे भारतीयों को मतदान का अधिकार देने और इसके लिए एक प्रक्रिया निर्धारित करने के प्रावधान वाला एक विधेयक शनिवार को राज्यसभा में पेश किया गया। ...

  3. www.livehindustan.com/news/.../2-7-133653.html - संचित प्रति

  4. दैनिक ट्रिब्यून » News » अनिवासी ...

  5. 27 अगस्त 2010 ... विदेशों में रह रहे भारतीयों को मतदान का अधिकार देने और इसके लिए एक प्रक्रिया निर्धारित करने के प्रावधान वाला एक विधेयक आज राज्यसभा में पेश किया गया। ...

  6. dainiktribuneonline.com/.../अनिवासी-भारतीयों-को-मतदा/ - संचित प्रति

  7. अप्रवासी भारतीयों को मिलेगा ...

  8. विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को, जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है, ... जनप्रतिनिधित्व कानून-1950 में संशोधन करते हुए अप्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार ...

  9. in.jagran.yahoo.com/news/.../5_2_6664475.html - संचित प्रति

  10. अप्रवासी भारतीयों को मतदान का ...

  11. 9 जन 2010 ... अप्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार - सिंह. ND. विदेशों में रह रहे भारतीयों (प्रवासी भारतीय या एनआरआई) की देश के चुनावों में मतदान करने की इच्छा जल्द ही पूरी होगी और ...

  12. hindi.webdunia.com/.../nri/.../1100109035_1.htm - संचित प्रति

  13. अप्रवासी भारतीयों को जल्द मिल सकता ...

  14. 13 जून 2010 ... नई दिल्ली: लाखों अप्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार देने की लंबित मांग जल्द पूरी ... वह विदेशों में रह रहे भारतीयों की वोट देने और भारत सरकार में भागीदारी की इच्छा को ...

  15. hindi.economictimes.indiatimes.com/.../6043575.cms - संचित प्रति

  16. NRI भारतीयों को मिलेगा वोट का अधिकार

  17. मंत्रियों के समूह(जोओएम) ने लाखों प्रवासी भारतीयों (एनआरआई)को मतदान का अधिकार देने की ... था कि वह विदेशों में रह रहे भारतीयों की वोट देने और भारत सरकार में भागीदारी की इच्छा को ...

  18. www.journalisttoday.com/national.../1312-nri------- - संचित प्रति

  19. एनआरआई को भी मतदान का अधिकार - Opposition ...

  20. अनिवासी भारतीयों की काफी दिनों से माग चल रही थी कि उन्हें भी मतदान का अधिकार मिलें। ... उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों को स्वदेश लौटकर राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में ...

  21. www.oppositionnews.com/.../news_detail.php?gid... - संचित प्रति

  22. BBCHindi | फो़रम | क्या राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा ...

  23. 16 पोस्ट - 15 लेखक

  24. मुझे लगता है कि अनिवासी भारतीयों को भी मतदान का अधिकार होना चाहिए.भारत से बाहर रह रहे लोग भारत को प्यार करते हैं.वे भारत के बारे में सोचते हैं.वे भारत में में विदेशी मुद्रा ...

  25. newsforums.bbc.co.uk/ws/hi/thread.jspa?... - संचित प्रति

  26. और वार्तालाप परिणाम प्राप्त करें

  27. विदेशी भारतीयों को वोटिंग का हक देने ...

  28. 21 अगस्त 2010 ... विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिक जल्द वोट देने का अधिकार पा सकेंगे. कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने राज्य सभा में मतदान संबंधी संशोधन का बिल पेश किया.

  29. www.dw-world.de/dw/article/0,,5931683,00.html - संचित प्रति

  30. प्रवासी भारतीयों को जल्द मिल सकता है ...

  31. 14 जून 2010 ... करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि वह विदेशों में रह रहे भारतीयों की वोट ... में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया था, ताकि प्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार ...

  32. navbharattimes.indiatimes.com/.../6043163.cms - संचित प्रति

नई प्रणाली से बढ़ सकती है पेट्रोल की कीमतें

Business standard Hindi - ‎2 घंटे पहले‎
तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) 1 सितंबर से पेट्रोल की कीमतें बढ़ा सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसके लिए नई मूल्य प्रणाली जिम्मेदार होगी। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों की समीक्षा को पाक्षिक से बदलकर मासिक करने का प्रस्ताव किया गया है। हालांकि पाक्षिक मूल्य प्रणाली के हिसाब से देखें तो 1 सितंबर से तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर मामूली मुनाफा मिल सकता है। वर्तमान मूल्य प्रणाली के चलते इन कंपनियों को डीजल की बिक्री से होने ...

सितंबर में महंगा होगा पेट्रोल

Pressnote.in - ‎12 घंटे पहले‎
नई दिल्ली | कच्चे तेल की कीमतों में अमूमन स्थिरता होने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां इस महीने पेट्रोल की कीमत में थोड़ी बहुत वृद्धि का फैसला कर सकती हैं। यह वृद्धि अगले हफ्ते संसद सत्र की समाप्ति के बाद कभी हो सकती है। तेल कंपनियों की मंशा फिलहाल सिर्फ पेट्रोल की कीमत में वृद्धि करने की है। दरअसल, थोड़ी बहुत वृद्धि कर तेल कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि पूरे वर्ष के दौरान उनके ऊपर पेट्रोलियम अंडर-रिकवरी (लागत से ...

तेल फर्में बढ़ाएंगी पेट्रोल के दाम

Hindi- Economic times - ‎12 घंटे पहले‎
नई दिल्ली : अगले महीने से ग्राहकों की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ और बढ़ने वाला है। संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल के नियंत्रण मुक्त होने का फायदा उठाकर पहली बार दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। अगले महीने से पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 50-70 पैसे का इजाफा हो सकता है। तेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यदि सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों का 15 दिन का औसत लेकर चलती हैं तो पेट्रोल ...

और मंहगा होगा पेट्रोल

दैनिक भास्कर - ‎२७-०८-२०१०‎
आने वाले दिनों में आपको पेट्रोल के लिए ज्याद कीमत चुकानी पड़ सकती है। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 50-70 पैसे का इजाफा हो सकता है। अभीं हाल ही में पेट्रोल की कीमतों पर से सरकारी नियंत्रण को हटाने के बाद इसकी कीमत 3.50 रुपए प्रति लीटर बढ़ गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15 दिनों के कच्चे तेल की कीमत का औसत देखा जाए तो पेट्रोल 50 पैसे प्रति लीटर महंगा होगा। वही अगर एक महीने का औसत देखा जाएगा, तो कीमतों ...

और महंगा हो सकता है पेट्रौल

दैनिक भास्कर - ‎२७-०८-२०१०‎
नई दिल्ली पेट्रोल के दाम फिर 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ सकते हैं। पेट्रोलियम कंपनियां संसद के मानसून सत्र के तुरंत बाद दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने कंपनियों को सत्र खत्म होने के करीब एक पखवाड़े बाद ऐसा कोई निर्णय करने को कहा है, जिससे सरकार को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पेट्रोल को बाजार भाव के अनुरूप करने के बावजूद तेल कंपनियों को इसकी बिक्री पर प्रति लीटर 25 से 30 पैसे का घाटा हो ...


गिरदा जब तक थे, तब तक उस आवारामसीहा की मौजूदगी का अहसास ही नहीं हुआ।

जैसे पिता जब तक होते हैं, तब तक उनकी भूमिका की जांच परख नहीं  होती।

मेरे अपने पिता से मेरे मतभेद जगजाहिर है।

अपने लोगों के लिए उनके किसी भी हद तक जाने की तत्परता, राजनेताओं, सरकारों और प्रशासन से उनके संवाद और संबंधों से मुझे गहरा ऐतराज था।

अकादमिक नहीं थे।

मेरे दादा की मौत जब हुई, तब जैशोर में उनकी पैतृक संपत्ति पर पट्टीदारों का कब्जा हो गया।

वे कक्षा दो तक ही पढ़ पाए।

आजादी से पहले बंगाल पहुंचे पिता ने पूरे कुनबे को ही नहीं समेटा, बल्कि गांव बसंतीपुर को एक अनोखा संयुक्त परिवार में तब्दील कर दिया।

ढिमरी ब्लाक किसान विद्रोह के दमन के बाद क्म्युनिस्टों से जो उनका मोहभंग हुआ, आजीवन विचारधारा से इतर ने जमीनी हकीकत को तरजीह देते थे।

हांलांकि स्वअध्याय उनका जबरदस्त था। वे खूब पढ़ते थे। जानकारी रखते थे। एक दम जमीनी स्तर से लेकर सर्वोच्च शिखर तक उनकी गतिविधि अबाध थी और राजनीतिक सीमा और वैचारिक, नस्ली, धार्मिक  भेदभाव के ऊपर थे वे।

हमें यह सबकुछ अराजक लगता था।

पर पिता की मौत के बाद देश भर के शरणार्थियों की समस्याओं से मुखातिब होना मेरी पारिवारिक विरासत में तब्दील हुआ तो मुझे उनके होने का मतलब समझ में आने लगा।

गिरदा हमारे छात्र जीवन में एक जादुई चिराग जैसे थे।

नैनीताल में अलादीनों का एक कुनबा तैयार हो गया था।

हम सब अकादमिक थे।

हमारी बात छोड़ ही दें तो शेखर पाठक और चंद्रेश शास्त्री की उपलब्धियों की जड़ें सीधे गिरदा से ही जुड़ती थीं।

अर्थ शास्त्र और इतिहास को गिरदा के करिश्मे ने जन सरोकारों और लोक जीवन संस्कृति से ठीक उसी तरह जोड़ा, जैसे साहित्य और आंदोलन को।

यह बात हम मानते तो जरूर थे, पर उसका अहसास अब तल्खी के साथ तब महसूस हो रहा है, जब गिरदा और उनकी जादुई आवाज हमारे साथ नहीं है।

हिमालय छोड़ते हुए क्या क्या नहीं छोड़ आए!

रोज शिखरों को छूने, घाटियों में भटकने, जंगल और जमीन की गंध से सराबोर रहने की आदत ही चली गयी।

भूस्खलन, बाढ़ और भूकंप के दरम्यान पगडंडंडी पगडंडी भटकने की हिम्मत ने ही मुझे कोयला खानों और खान दुर्घटनाओं की तफतीतीश करने प्रेरणा दी।

वहीं प्रेरणा अकेले दम अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ औपन्यासिक प्रतिरोध के पीछे रही होगी, जो क्रमशः छीजती चली गयी।

अंग्रेजी माध्यम, अंग्रेजी साहित्य के छात्र और मातृभाषा बांग्ला होने के बावजूद ताराचंद्र त्रिपाठी, पवन राकेश और मोहन कपिलेश भोज ने मुझे हिंदी का लेखक बनने वास्ते तैयार किया, पर राह दिखायी गिरदा ने ही।

शेखर और गिरदा के साथ शब्द शब्द के लिए लड़ते लड़ते मुझमें गिरदा का संक्रमण होता रहा और हम बेखबर रहे।

आज जब पहाड़ और तराई के बीच बर्लिन की दीवारें खड़ीं हो गयी हैं, पहाड़ के हर कस्बे और शहर , देहात में फैले मेरे अपने लोग मुझे मैदानी समझने लगे हैं, रिश्ते लेकिन फिरभी खत्म नहीं हुए।

उसी तरह जैसे कश्मीर, पंजाब और बंगाल के विभाजन के बावजूद पहचान नहीं बदली है, नागरिकताएं बदल जाने के बावजूद।

पहाड़ और लोक से जुड़े होने के कारण लिखना जितना सरल था , अब नहीं है।

हिम्मत नहीं होती।

प्रेरणा नहीं है।

माध्यम और तकनीक बदल जाने के दौर में स्पेस की खोज और प्रतिबद्धता का भूत, गिरदा और त्रिपाठी, पिता की विरासत और देश जगत में बदलते हालात से लिखना बेहद कठिन है।

गिरदा की परंपरा का वहन करते हुए मैं अपने को छिनाल गाथा से तो जोड़ नहीं सकता!

फिरभी लिखना जरूरी है।

हिंदी की बोर्ड पर अब मेरी उंगलियां चलती नहीं हैं।

प्रिंट में मेरे लिए कोई जगह है नहीं।

हकीकत के परदे खुलते गए, तो पुराने दोस्त भी अब दुश्मन हो चले हैं।

वैसे भी जितने मेरे दोस्त रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा दुश्मनी मैंने मोल ली है और इस अक्खड़पन का स्रोत भी गिरदा हैं।

जहूर आलम पहाड़ में ही रह गया, निर्मल जोशी चिपको में आया, विपिन त्रिपाठी और षष्ठीदत्त जैसे लोग हुड़के की गिरफ्त में आये, राजीव लोचन साह जैसा भद्रजन आंदोलनकारी बना तो इसमें कहीं न कहीं गिरदा का करिश्मा काम करता रहा।

आज भी हममें से जो जहां है, दिलों में  एक अदद हिमालय लेकर चलने के लिए मजबूर हैं।

यह सत्तर के दशक के उत्तराखंडी वसंत का असर ही तो है।

एक एक करके पसलियां टूटती जा रही हैं।

बसंतीपुर में सारे बड़े चले गये।

अपना सबसे पुराना दोस्त कृषणो चला गया।चंद्रेश सबसे पहले निकल गये। फिर निर्मल जोशी। विपिन त्रिपाठी। निर्मल पांडे। अब गिरदा।

इधर देश भी बिक गया।
मध्यपूर्व नहीं, भारतीय महादेश ही एकध्रूवीय साम्राज्यवाद का असली निशाना है, जो लोग दो दशक पहले मेरे इस प्रतिरोध प्रयत्न पर हंसते थे, वे भी आंतरिक और बाहरी साम्राज्यवाद, कारपोरेट माफिया एनआरआई राजकाज, मूलनिवासियों के खिलाफ युद्ध, ग्लोबल हिंदुत्व और जिओनिस्ट इलुमिनिटी की नरसंहार संस्कृते के एकाधिकार वर्चस्व से वाकिफ हो गये, उम्मीद है।

राजनीति का दगाबाज चेहरा और संसदीय कत्लेआम का इतना वीभत्स रुप सामने है, पर सबकुछ जानने बूझने के बावजूद जनता को बाजारु लोकतंत्र और पूंजीशाही औपनिवेशिक मनुस्मृति गुलामी का जहर पीना ही है।

सब मारे जाएंगे।
निहत्था।
यही नियति है।
प्रतिरोध और जन आंदोलन की विरासत अब वाशिंगटन के हवाले हैं।
हमारे हिस्से में है युद्ध, गृहयुद्ध, आतंक, सर्वनाश और महाविनाश।
अपने लोक अपनी पहचान जमीन जल और आसमान से कटे मोबाइली आईटी रोबोट हम गिरदा की तरह हुड़के की थाप पर कोई पहाड़ और जंगल तो नहीं जगा सकते यार!
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  1. कबाड़खाना: गिर्दा को नमन

  2. 23 अगस्त 2010 ... कल जनकवि - लोकगायक गिर्दा नहीं रहे। आज अखबार में उनके बारे बहुत कुछ छपा है । कल और आने वाले कल के दिनों में बहुत कुछ लिखा जाएगा , छपेगा । आज और अभी अपनी ओर से कुछ लिखना ...

  3. kabaadkhaana.blogspot.com/.../blog-post_23.html - संचित प्रति

  4. गिरीश तिवारी 'गिर्दा'

  5. आजीविका चलाने के लिए क्लर्क से लेकर वर्कचार्जी तक का काम करना पड़ा। फिर संस्कृति और सृजन के संयोग ने कुछ अलग करने की लालसा पैदा की। अभिलाषा पूरी हुई जब हिमालय और पर्वतीय ...

  6. www.apnauttarakhand.com/girish-tewari-girda/ - संचित प्रति

  7. भड़ास blog

  8. - 3 दृश्य - 1 फ़र

  9. 29 अगस्त 2010 ... 22 अगस्त 2010 को उत्तराखंड के प्रसिद्ध रंगकर्मी और जनकवि गिरीश तिवारी 'गिर्दा' हमारे ... गिर्दा हमेशा पुरस्कार और सरकारी अनुदान से दूर रहे। उन्होंने कभी भी खुद को इनके ...

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  11. विगत 24 घंटे से अधिक परिणाम प्राप्त करें

  12. रंगकर्मी 'गिर्दा' पंचतत्व में विलिन ...

  13. अपनी कविताओं से पहाड़ की आवाज के रूप में पहचाने जाने वाले जनकवि और रंगकर्मी गिरीश तिवारी 'गिर्दा" का नैनीताल में पाइंस स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

  14. www.samaylive.com/regional-hindi/.../95979.html - संचित प्रति

  15. अब 'गिर्दा' के गीत हमें जगाने आएंगे

  16. 23 अगस्त 2010 ... हमारी पीढ़ी के लिए गिर्दा बड़े भाई से ज्यादा एक करीबी दोस्त थे लेकिन असल में वे सम्पूर्ण हिन्दी समाज के लिए त्रिलोचन और बाबा नागार्जुन की परम्परा के जन साहित्य नायक ...

  17. www.bhadas4media.com/.../6260-girda-death.html - संचित प्रति

  18. गिर्दा

  19. 1 पोस्ट - 1 लेखक - अंतिम पोस्ट: 4 दिनों पहले

  20. विगत २२ अगस्त, २०१० को हमारे गिर्दा हमसे हमेशा के लिये दूर चले गये। गिरीश चन्द्र तिवारी उर्फ गिर्दा मेरा पहाड़ परिवार के लिये एक अभिभावक की तरह थे, उनके जाने से हमने ...

  21. www.merapahad.com/tag/गिर्दा/ - संचित प्रति

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  23. गिर्दा कोट गाँव, हंडिया (इलाहाबाद ...

  24. गिर्दा कोट हंडिया , इलाहाबाद , उत्तर प्रदेश स्थित एक गाँव है। ... गरघनपुर • गहरपुर धोबहा • गहरपुर सिया डीह • गिर्दा कोट • गुड़गाँव • गोंदरी • गोंदौरा • गोठवा • गोपालीपुर • गोबिंदापुर ...

  25. hi.wikipedia.org/.../गिर्दा_कोट_गाँव,_हंडिया_(इलाहाबाद) - संचित प्रति

  26. लेखक मंच » गिर्दा

  27. 22 अगस्त 2010 ... नई दिल्ली: उत्तराखंड के जनकवि गिरीश चंद्र तिवाडी 'गिर्दा' का 22 अगस्त सुबह हल्द्वानी में देहांत हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी अंत्येष्टि 23 अगस्त सुबह ...

  28. lekhakmanch.com/tag/गिर्दा/ - संचित प्रति

  29. गिरीश चन्द्र तिवारी "गिर्दा" और उनकी ...

  30. 15 पोस्ट - 15 लेखक - अंतिम पोस्ट: 19 मई 2009

  31. गिरीश चन्द्र तिवारी "गिर्दा" और उनकी कविताये: GIRDA & HIS POEMS.

  32. www.merapahadforum.com/.../''-girda-his-poems/ - संचित प्रति

  33. और वार्तालाप परिणाम प्राप्त करें

  34. गिरीश तिवाड़ी 'गिर्दा'

  35. By गिरीश तिवाड़ी 'गिर्दा' on July 14, 2010. इस साल इत्तफाक ऐसा हुआ कि एक ओर 35 साल पहले का 25 जून 1975, ... By गिरीश तिवाड़ी 'गिर्दा' on January 9, 2010. वक्त का सिलसिला यों ही चलता रहा और करता रहा ...

  36. www.nainitalsamachar.in/author/girisht/ - संचित प्रति

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  1. गिर्दा: मौन हो गया जनकवि

  2. हिन्दुस्तान दैनिक - 23 घंटे पहले

  3. तेईस अगस्त 2010 को नैनीताल में गिरीश तिवारी 'गिर्दा' की शव यात्रा में शामिल सैकड़ों लोग उन्हीं के रचे-गाए गीत गा रहे थे और रो रहे थे। महिलाएँ भी अर्थी को कन्धा देने आगे आईं, ...

*
  • हिन्दुस्तान दैनिक

  • पहाड़ी लोक के इतिहास का अवसान

  • दैनिक भास्कर - 1 दिन पहले

  • मैं कभी पूछता कि गिर्दा, रिक्शा अपना हो सका या किराए का ही रहा? वह बताता कि नहीं, ... अपनी कहानी छिपाने में गिर्दा मजा लेता था, अत: वह अपने उन सालों में किसी और को नहीं ले जाना ...

  • रंगकर्मी 'गिर्दा' पंचतत्व में विलिन

  • SamayLive - 5 दिनों पहले

  • अपनी कविताओं से पहाड़ की आवाज के रूप में पहचाने जाने वाले जनकवि और रंगकर्मी गिरीश तिवारी 'गिर्दा' का नैनीताल में पाइंस स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। ...

  • अपना कलाकार खो दिया

  • जनादेश - 5 दिनों पहले

  • सुपरिचित गायक, कलाकार और संस्कृतिकर्मी गिरीश तिवारी गिर्दा के निधन पर जन संस्कृति मंच ने ... गिर्दा ऐसे संस्कृतिकर्मी हैं जिनका कला संसार जन आंदोलनों के बीच निर्मित होता है। ...


  • 3,420,000 परिणामों के बारे में (0.18 सेकंड)

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    1. माओवाद - विकिपीडिया

    2. माओवाद आज भारत की सबसे बड़ी आन्तरिक सुरक्षा समस्या बन गया है किसी समय (1960-70 के दशक में )यह भले ही कुछ चरमपंथी अतिवादी माने जा रहे बुद्धिजीवी वर्ग का या उत्तेजित जनसमूह की सहज ...

    3. hi.wikipedia.org/wiki/माओवाद - संचित प्रति - समान

    4. जिनका गांधी माओवादी है, वे विलियम से ...

    5. भारत की अखण्डता को अभी दो प्रमुख भीतरघाती ताकतों से खतरा है. वहीं एक ताकत इनकी राह में रोड़ा जरूर बनी हुई है. विलियम चाहता तो अपने अधिकारों के लिए हथियार भी उठा सकता था, ...

    6. www.tarakash.com/joglikhi/?p=1368 - संचित प्रति - समान

    7. दख़ल की दुनिया: हम सब माओवादी हैं!

    8. 8 मई 2008 ... पुलिस और खुफ़िया तंत्रों के बीच ये गाँव के लोग चिल्ला रहे थे कि यदि बिनायक सेन माओवादी हैं तो हम सब माओवादी हैं. ये वे लोग थे जिनका विनायक सेन मुफ़्त में गाँव जा जा कर ...

    9. dakhalkiduniya.blogspot.com/.../blog-post_08.html - संचित प्रति

    10. माओवादी की छवियां

    11. - छवियों की रिपोर्ट करेंप्रतिक्रिया देने के लिए आपका धन्यवाद. किसी अन्य छवि की रिपोर्ट करेंकृपया अप्रिय छवि रिपोर्ट करें. रद्द करेंपूर्ण

    12. BBCHindi | फो़रम | क्या अब आम लोग हैं माओवादी निशाने पर?

    13. 16 पोस्ट - 13 लेखक - अंतिम पोस्ट: 6 जन

    14. माओवादियों या नक्सलियों ने पहले दंतेवाड़ा में विस्फोट करके एक यात्री बस को उड़ाया. अब पुलिस का आरोप है कि मिदनापुर में सौ से अधिक लोगों की जान लेने वाली भीषण रेल ...

    15. newsforums.bbc.co.uk/ws/hi/thread.jspa?threadID... - संचित प्रति

    16. और वार्तालाप परिणाम प्राप्त करें

    17. हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं माओवादी ...

    18. 4 मई 2010 ... इस समय माओवादियों के सवाल पर जनमत विभाजित है। ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो माओवादी रास्ते का समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि आदिवासियों पर जिस तरह जुल्म ढाया जा ...

    19. www.janatantra.com/news/.../rajkishore-on-naxalites/ - संचित प्रति

    20. BBC Hindi - भारत - छह जगह माओवादी हमले

    21. 13 जुलाई 2010 ... छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों ने कम से कम छह स्थानों पर गोलीबारी की है. देर रात तक मुठभेड़ जारी थी.

    22. www.bbc.co.uk/.../100713_maoist_attack_vv.shtml - संचित प्रति - iGoogle में जोड़ें

    23. माओवादी हमला: गृह मंत्रालय ने मानी ...

    24. 16 फ़र 2010 ... केंद्रीय गृह मंत्री पी चिंदबरम ने कहा माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान में कुछ ग़लतियां हुई हैं. सिलदा में सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने के बाद माओवादियों ने सरकार को ...

    25. www.dw-world.de/dw/article/0,,5253637,00.html - संचित प्रति

    26. हत्यारे हैं माओवादी-गृह सचिव

    27. 6 अप्रैल 2010 ... माओवाद, छत्तीसगढ़, दंतेवाड़ा, गृह सचिव जीके पिल्लई,Maoist, Chhattisgarh, Related, Home Secretary GK Pillai,नई दिल्ली। केंद्र ने नक्सलियों के खिलाफ संघर्ष में हवाई ताकत का इस्तेमाल करने से ...

    28. hindi.webdunia.com/news/.../1100406111_1.htm - संचित प्रति

    29. भाजपा, माओवादी,BJP, moist - Desh - LiveHindustan.com

    30. 15 अप्रैल 2010 ... संसद में भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष में ही कई लोग अर्ध माओवादी हैं, इसीलिए नक्सलवाद से लड़ने में सरकार और कांग्रेस विभाजित हैं जिससे गृह मंत्री पी चिदंबरम के ...

    31. www.livehindustan.com/news/.../39-39-108410.html - संचित प्रति

    32. माओवादी समर्थक रुख पर अटल ममता ...

    33. 18 अगस्त 2010 ... किशनजी तीन माह के संघर्षविराम और वार्ता पर.

    34. www.bhaskar.com/.../nat-kaishnji-three-month-truce-and-agree-to-talks-1269269.html - संचित प्रति

    35. माओवादी के लिए समाचार

      *
    36. माओवादी उमाकांत की मौत पर ममता ने ...‎ - 10 घंटे पहले

    37. माओवादी नेता उमाकांत महतो को संयुक्त सुरक्षा बल ने झारग्राम के एक जंगली इलाके में शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मुठभेड़ की असलियत पर सवाल खड़ा करते हुए बनर्जी ...

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    39. माओवादियों ने किया बीडीओ का अपहरण‎ - दैनिक भास्कर - 10 संबंधित आलेख »

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    41. *
    42. इसके लिए अनुवादित अंग्रेज़ी परिणाम देखें:

    43. माओवादी (Maoist)


    माओवादियों से वार्ता में मध्यस्थता को तैयार ममता!

    दैनिक भास्कर - ‎Aug 25, 2010‎
    नई दिल्ली. माओवादियों से बातचीत शुरू करने और उनके खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन बंद करने की वकालत करने वाली रेल मंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि बैठक में ममता ने प्रधानमंत्री से कहा कि अगर केंद्र सरकार चाहे तो वे माओवादियों के साथ बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार हैं। यह बैठक काफी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसमें गृह मंत्री पी. चिदंबरम और वित्त मंत्री प्रणब ...

    माओवादियों ने नहीं दिया जवाब : चिदंबरम

    प्रभात खबर - ‎Aug 25, 2010‎
    नयी दिल्ली : गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि माओवादियों ने केंद्र सरकार की वार्ता की पेशकश पर कोई प्रत्यक्ष या विश्वसनीय जवाब नहीं दिया है. उन्होंने कहा हमने माओवादियों से वार्ता की पेशकश की थी. पर उनकी ओर से कोई विश्वसनीय जवाब नहीं मिला. यह काफी अफसोसजनक है. उम्मीद है कि जल्द ही इसका सकारात्मक परिणाम निकलेगा. वह राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के तीन दिनों के सम्मेलन के उदघाटन पर बुधवार को बोल रहे ...

    ममता ने की मनमोहन से मुलाकात, प्रणव और चिदंबरम भी रहे मौजूद

    आज तक - ‎Aug 25, 2010‎
    माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई का विरोध कर चुकी रेल मंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की. यह बैठक इसलिये मायने रखती है कि इसमें गृहमंत्री पी चिदंबरम और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी भी मौजूद थे. 40 मिनट तक चली यह बैठक उस समय हुई है, जब चिदंबरम ने खेद जताया है कि उन्हें केंद्र की उस अपील पर वामपंथी उग्रवादियों की ओर से कोई विश्वसनीय जवाब नहीं मिला है, जिसके तहत केंद्र ने ...

    नक्सलियों ने वार्ता का ठोस जवाब नहीं दिया

    याहू! जागरण - ‎Aug 25, 2010‎
    नई दिल्ली। गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को इस बात पर अफसोस जताया कि केंद्र सरकार की ओर से की गई वार्ता की पेशकश पर नक्सलियों ने कोई प्रत्यक्ष या विश्वसनीय जवाब नहीं दिया है। राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए चिदंबरम ने कहा, 'हमने भाकपा नक्सलियों से हिंसा छोड़कर बातचीत करने के लिए आगे आने को कहा था। [लेकिन] मुझे अफसोस है कि हमारी बातचीत की पेशकश पर कोई ...

    माओवादियों ने वार्ता का नहीं दिया विश्वसनीय जवाबः चिदंबरम

    प्रभात खबर - ‎Aug 24, 2010‎
    नयी दिल्लीः गृहमंत्री पी चिदंबरम ने आज इस बात पर अफ़सोस जताया कि केंद्र सरकार की ओर से की गई वार्ता की पेशकश पर माओवादियों ने कोई प्रत्यक्ष या विश्वसनीय जवाब नहीं दिया है. राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुये चिदंबरम ने कहा, हमने भाकपा माओवादियों से हिंसा छोड़कर बातचीत करने के लिये आगे आने को कहा था. लेकिन मुझे अफ़सोस है कि हमारी बातचीत की पेशकश पर कोई प्रत्यक्ष और ...
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    देश में सूखा के हालात हैं। तो हिमालय के ग्लेशियरों के पिघलने की खबरों के खंडन के बावजूद ग्लोबल वार्मिंग का असर होने लगा है।

    सुंदरवन खतरे में हैं।
    अभयारण्यों से बेदखल हैं आदिवासी।

    राहुल गांधी और ममता बनर्जी दलितों आदिवासी समुदायों के  अधिकारों और हितों की बात करते अघाते नहीं हैं।
    दूसरी तरफ चिदम्बरम का कारपोरेट युद्ध।

    माओवादी आजाद के साथ हमारे अनजाने अनदेखे पत्रकार हेमचंद्र पांडे मुठभेड़ में मार दिए गए।

    वार्ताकार अग्निवेश मध्यस्थता के बहाने सत्ता के खल में शामिल।

    सेज और रीटेल चेन के लिए, शापिंग माल, उपनगरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के बहाने आदिवासियों और किसानों को जमीन आजीविका और जीवन से बेखल किया जा रहा है। किसान आंदोलित है।

    पर शहरीकरण औद्यौगीकरण का तूफान थमता नजर नहीं आता। मार्क्सवादी विदेशी पूंजीनिवेश के लिए नंदीग्राम नरसंहार को अंजाम दे चुके हैं जबकि मरीचझांपी में वन अधिनियम और पर्यावरण के बहाने १९७९ में नरसंहार से भी नहीं हिचके थे ज्योति बसु।

    बहुचर्चित भूमिसुधार अब सर्व क्षेत्र में ब्राह्मणवादी वर्चस्व का पर्याय है।


    भूमि डकैती अब एकमात्र कार्यक्रम है और विदेशी पूंजी सर्वोत्तम विचारधारा।

    वियतनाम के जल्लाद हेनरी कीसिंजर का पलक पांवड़े बिछाकर स्वागत करने वाले, विजयन का साथ देने वाले, परमाणु सौदे को आटो आपरेशनल बनाने तक मनमोहनी आर्थिक सर्वनाश करने वाले वामपंथियों को चाचा, जिंदल, भूषण, मित्तल और सलेम, डाउकोमिकल के पूंजी निवेश के आगे न विचारधारा और न वर्गसंघर्ष की परवाह है।

    हिमालय के जख्म कोई नहीं देखता। उत्तराखंड और हिमाचल को ऊर्जा प्रदेश बनाने की तैयारी है।
    टिहरी बांध तैयारहै।

    मेरे लघु उपन्यास पुरानी टिहरी नई टिहरी (पहल में प्रकाशित) का परिदृश्य भूकंप है। भूकंप प्रवण पहाड़ों में जंगलों की अंधाधुंध कटाई और ऊर्जा मुहिम के नतीजे कितने खतरनाक हो सकते हैं, १९७८ में भागीरथी की बाढ़ उसका जीता जागता सबूत है। कश्मीर और पूर्वोत्तर विशेष सैन्य अधिनियम के मातहत है।

    दक्षिण भारत के द्रविड़ भूमि से उत्तर भारत को मतलब नहीं। तो मध्य भारत के आदिवासी और शरणार्थी युद्ध के दरम्यान निहत्थे फंसे हैं।

    माओवादी जहां सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओड़ीशा बहुराष्ट्रीय कंपलियों के हवाले हैं।

    सरकारी दमन के बावजूद राचनीति और कारपोरेट के शतरंज पर मारे जाते हैं सिपाही और माओवादी प्रभाव क्षेत्र का न्शा दिनोंदिन व्यापता जा रहा है।

    उदारीकरण और मुक्त बाजार अर्थ व्.वस्था के बाजार सम्प्रभुता और एफडीआई राज में जनसरोकार, जनआंदोलन और जनसंवाद के बिना माओवादी गुरिल्ला युद्ध  तो इलाका खाली कराने और दमन के बहाने बनाले का सरकारी उपक्रम है। इसीलिए नासा, मोसाद, सीआईए और वायुसेना और समूचा तंत्र माओवाद के विस्तार में लगा है।

    माओवाद का बामहण नेतृत्व कम्युनिस्टों और इंदिरा पंथी या फार लोहिया जेपी वादी समाजवादियों के निंरंतर विश्वासघात की परंपरा को ही पुष्ट करता है। राहुल और ममता इस गृहयुद्ध में ईंधन डालकर वोटबैंक की राजनीति ही नहीं कर रहे बल्कि वैज्ञानिक ब्राह्मणवाद और आर्थिक अस्पृश्यता के बतर्ज कारपोरेट लोकतंत्र का नाटक मंचित कर रहे हैं, जिसमें महा्वेता देवी, मेधा, अग्निवेश सबका अच्छा खासा रोल है। इस कवायद में मजबूत होती जारही है नरसंहार की संस्कृति। प्रकृति से बेरहम बलात्कार और प्राकृतिक संसाधनों का निर्मम एकतरफा दोहन आदिवासियों के विस्थापन का सबब बन गया है, जो नियमगिरी में राहुल की मसीहाई और बंगाल में मां काली के नए अवतार से थमनवाला नहीं है।

    सौर आंधी से क्या महाप्रलय आएगा, जैसी अटकलों के बजाय सुनामी के अनुभव ज्यादा कारगर है।

    बदलते मौसम चक्र और विदेशी पूंजी तकनीक , तथाकथित हरित क्रांति श्वेत कांति से तबाह खेती इसकी बड़ी चेतावनी है। खाद्य असुरक्षा  से घिरी नेस्तानाबूद आम जनता की राजनीति करने वाली संसद जनता को सूचना के सारे रास्ते बंद करके संिधान और लोकतंत्र की हत्या में लगी है।

    टैक्स जनता गेगी और सांसदों को सालाना ६५ लाख की करमुक्त आमदनी। समानता, न्याय और इनक्लूसिव विकास का यहीं सिद्धांत है। फर्जी मंदी के बावद राज्व की बंदरबांट करके पूंजीपतियों की मदद करने वाली सरकार संसदीय नौटंकी के जरिए तमाम वितीय, श्रम कानून बदल रही है।

    वेतन वृद्धि को लोकसभा की मंजूरी

    वेबदुनिया हिंदी - ‎Aug 27, 2010‎
    सांसदों के वेतन में तीन गुना वृद्धि करते हुए इसे 16 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने वाले और दो महत्वपूर्ण भत्तों की राशि 45-45 हजार तक करने वाले बहुप्रतीक्षित और बहुप्रचारित विधेयक को आज लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। 'संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन (संशोधन) विधेयक' पर हुई चर्चा में करीब दस सदस्यों ने भाग लिया और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में अधिकतर सदस्यों ने सरकार से भविष्य में उनके वेतन वृद्धि का फैसला ...

    सांसद वेतन बढ़ोतरी विधेयक लोकसभा में पेश

    खास खबर - ‎Aug 25, 2010‎
    नई दिल्ली। सांसदों के वेतन में तीनगुना बढ़ोतरी और कुछ भत्तों में दोगुना बढ़ोतरी करने वाला विधेयक बुधवार को बिना किसी विरोध के लोकसभा में पेश कर दिया गया। कुछ विपक्षी सदस्यों ने अपनी मासिक परिलब्धियों में 500 प्रतिशत की बढ़ोतरी की मांग की थी। इस विधेयक में सांसदों का वेतन 16000 रूपये से बढ़ा कर 50000 रूपये कर दिया गया है। संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए तथा संसदीय समितियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दैनिक भत्ते को 1000 रूपये ...

    सांसदों के वेतन भत्ते बढाने वाला विधेयक लोकसभा में पेश

    आज तक - ‎Aug 25, 2010‎
    सांसदों द्वारा अपने वेतन और भत्तों में स्वयं वृद्धि करने से सुखिर्यों में आया विधेयक अंतत: लोकसभा में पेश किया गया, जिसके तहत सांसदों का वेतन अब तीन गुने से भी ज्यादा बढाकर 50 हजार रुपये महीना और उनके दिल्ली एवं निर्वाचन क्षेत्र के कार्यालयों के भत्ते 20-20 हजार रुपये से बढाकर 45-45 हजार रुपये करने का प्रावधान है. संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने यह विधेयक पेश किया. विधेयक में सांसदों का वेतन 16 हजार रुपये से बढाकर 50 हजार ...

    संसद में उपस्थिति व काम से हो सांसदों के वेतन का जुड़ाव

    Business standard Hindi - ‎Aug 25, 2010‎
    सांसदों की तनख्वाह और भत्ते पर चल रही मौजूदा बहस इस समस्या को लेकर नहीं है कि सरकार ने कितनी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा या कुछ सांसदों ने कितनी बढ़ोतरी की मांग की थी। सरकार द्वारा प्रस्तावित बढ़ोतरी किसी भी मानदंड के हिसाब से उचित है - उनकी तनख्वाह व भत्ते में तीन गुनी बढ़ोतरी से उनका कुल वेतन करीब-करीब केंद्र सरकार के मौजूदा सचिव के स्तर पर आ जाएगा। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। समस्या कहीं और है, लेकिन सबसे पहले हमें इस बहस को ...

    Survey Report: सांसदों के काम की तुलना में ज्यादा है वेतन बढ़ोतरी

    दैनिक भास्कर - ‎Aug 25, 2010‎
    नई दिल्ली. बुधवार को लोकसभा में सांसदों की वेतन बढ़ोतरी का विधेयक पेश कर दिया गया। इस दौरान कोई हंगामा नहीं हुआ। विधेयक आसानी से पारित हो जाएगा और सांसदों का मूल वेतन 16 हजार रुपये प्रति महीने से बढ़ कर 50 हजार रुपये प्रति महीने हो जाएगा। उनके भत्ते में भी 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। सांसद तो 80 हजार रुपये मासिक मूल वेतन की मांग पर अड़े थे, पर जनता 300 फीसदी बढ़ोतरी के भी खिलाफ लगती है। dainikbhaskar.com के एक सर्वे में शामिल 64 ...

    सांसद वेतन वृद्धि विधेयक अपने आप में घपलाः वृन्दा

    प्रभात खबर - ‎Aug 25, 2010‎
    नयी दिल्लीः सांसदों द्वारा अपने वेतन के बारे में खुद फ़ैसला करने की कड़ी आलोचना करने वाली माकपा नेता वृन्दा कारात ने आज कहा कि सांसद वेतन बढ़ोतरी विधेयक अपने आप में घपला है. वृन्दा ने एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से अलग से कहा, देश में शायद ही कोई ऐसी जगह हो, जहां लाभ पाने वाले अपने वेतन के बारे में खुद तय करें. कैबिनेट ने सांसदों के भत्तों में दस हजार रुपये की और बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ...

    सांसदों के वेतन, भत्ता बढ़ाने की आलोचना

    याहू! जागरण - ‎Aug 24, 2010‎
    अल्मोड़ा : उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी ने सांसदों द्वारा अपने वेतन, भत्तों में मनमानी वृद्धि की तीव्र आलोचना की है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस, भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों से इस मामले में अपना नजरिया साफ करने की मांग की है। परिवर्तन पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है कि बेरोजगारी, महंगाई, भूख व भ्रष्टाचार से जूझ रहे देश में जहां 80 प्रतिशत जनता गरीब है। 20 रुपए रोज पर जीवन यापन कर रहे हैं। वहां देश के सांसद ...

    सांसदों का वेतन संबंधी बिल लोकसभा में पारित

    Patrika.com - ‎Aug 27, 2010‎
    नई दिल्ली। सांसदों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी संबंधी विधेयक लोकसभा में पारित हो गया। सदन ने इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन (संशोधन) विधेयक 2010 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हम जनता के प्रतिनिधि हैं और इसलिए उसके प्रति जवाबदेह भी। सांसदों की ओर से खुद का वेतन बढ़ाए जाने को लेकर मीडिया में हो रही आलोचनाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ...
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    5. याहू! जागरण - 1 घंटे पहले

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    7. सांसद ने शोक जताया

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    36. सांसदों के वेतन में और इजाफा मुमकिन‎ - आज तक

    37. बीबीसी हिन्दी - डी-डब्लू वर्ल्ड

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    1. Lok Sabha

    2. Bullet, आपके सांसद. Image for Line. Bullet, वर्तमान सदस्य. Image for Line. Bullet, सम्पर्क ब्यौरा. Image for Line. Bullet, सांसद खोज. Image for Line. Bullet, पूर्व सांसद. Image for Line. Bullet, वेतन अधिनियम तथा नियम. Image for Line. Bullet ...

    3. 164.100.24.207/.../membershomepage.aspx - संचित प्रति - समान

    4. सांसद - विकिपीडिया

    5. साँचा:Legislature सांसद , संसद में मतदाताओं का प्रतिनिधि होता है. अनेक देशों में इस शब्द का प्रयोग विशेष रूप से निम्न सदन के सदस्यों के लिए किया जाता है. क्योंकि अक्सर उच्च सदन के ...

    6. hi.wikipedia.org/wiki/सांसद - संचित प्रति - समान

    7. तीन गुनी बढ़ी सैलरी, सांसद मांगें ...

    8. 20 अगस्त 2010 ... सैलरी में तिगुना बढ़ोतरी से नाखुश सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा का कामकाज स्थगित हुआ तो शुरू हो गया मॉक सेशन, जिसमें लालू PM बने...

    9. navbharattimes.indiatimes.com/.../6370194.cms - संचित प्रति

    10. केन्द्रीय विद्यालय, सांसद,central school, mp ...

    11. 16 मार्च 2010 ... अगर आप भी अपने बच्चे का केन्द्रीय विद्यालय में एडमिशन कराना चाहते हैं और उसके लिए अपने इलाके के सांसद के दफ्तर के चक्कर लगा-लगाकर थके जा रहे हैं तो एक बार ठहर जाइए।

    12. www.livehindustan.com/news/.../39-39-101319.html - संचित प्रति

    13. मध्यप्रदेश के 52 फीसदी सांसद ...

    14. अकेले मध्यप्रदेश में ही आधे से अधिक सांसद करोड़पति हैं लेकिन संसद में इंक्रीमेंट के मुद्दे पर ... मध्यप्रदेश के ५२ फीसदी सांसद करोड़पति हैं जबकि देश ३१५315 सांसद करोड़पति हैं। ...

    15. www.bhaskar.com/.../MP-OTH-mp-madhya-pradesh-52-per-cent-millionaire-1280056.html - संचित प्रति

    16. औरतनामा: निलंबित सांसद कमाल अख्तर ने ...

    17. 11 मार्च 2010 ... आज देर शाम लगभग पौने आठ बजे राज्यसभा से निलंबित सपा सांसद कमाल अख्तर ने एक न्यूज चैनल पर हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि आरक्षण बिल जिस तरह से कांग्रेस पारित ...

    18. auratnama.blogspot.com/2010/.../blog-post_3411.html - संचित प्रति

    19. सांसद विजयाशांति जमानत पर रिहा

    20. 3 जुलाई 2010 ... तेलंगाना राष्ट्र समिति, विजया शांति, गिरफ्तार, चंचलगुडा जेल,Telangana Rashtra Samiti, Vijayashanti, arrested, jailed Chanchalguda jail,हैदराबाद। तेलंगाना मुद्दे पर भड़काऊ बयान देने के मामले में ...

    21. hindi.webdunia.com/news/.../1100703065_1.htm - संचित प्रति

    22. सांसद in Hindi | सांसद Hindi Articles - Oneindia News

    23. पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के बांका संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय सांसद दिग्विजय़ सिंह का गुरुवार को लंदन के एक अस्पताल में दिमागी नस फटने के कारण निधन हो गया. ...

    24. thatshindi.oneindia.in/search.html?topic=सांसद - संचित प्रति

    25. सांसद मांगे 'मोर':आओ बात करें:प्रशांत ...

    26. 21 अगस्त 2010 ... ज्यादा दिनों की बात नहीं है, जब छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद तमाम टीवी चैनलों पर सरकारी कर्मचारियों पर नोटों की बारिश के सीन दिखाए गए थे।

    27. blogs.navbharattimes.indiatimes.com/.../स-सद-म-ग-म - संचित प्रति

    28. BBC Hindi - मल्टीमीडिया - ब्रिटेन चुनाव ...

    29. 3 मई 2010 ... एक परिचर्चा - ब्रिटेन में लंदन की साउथॉल संसदीय सीट पर अपनी दावेदारी बनाए रखनेवाले राजनेता वीरेंद्र शर्मा और भारत के जाने-माने राजनेता और राज्यसभा सांसद मणिशंकर ...

    30. www.bbc.co.uk/.../100503_indobrit_disco_part1_ak.shtml - संचित प्रति - iGoogle में जोड़ें

      *
    31. इसके लिए अनुवादित अंग्रेज़ी परिणाम देखें:

    32. सांसद (MP)



    नागरिकता से वंचित हो रही है आधी जनता और आधार यूनिक आइडेंडी के जरिए निजी कारपोरेट घराने हमारी नागरिकता तय कर रही है।

    ऊपर से अप्रवासी भारतीयों को वोट का अधिकार देकर एनआरआई सरकार और संसद का रास्ता बना रही है करोड़पतियों की संसद। लोकतंत्र की इस अपमृत्यु की वजह से हुए मोहभंग की वजह से माओवादी हिंसा को वैधानिकता मिलता है, खसकर उनके लिए जहां लोकतंत्र का मतलब है शोषण,अत्याचार, वंचना और मृत्यु, विस्थापन और यंत्रणा। पर कारपोरेट प्रणाली इसी प्रायोजित हिंसा की राजनीति के तुरूप का पत्ता बनाकर एकाधिकारवादी आक्रमण जारी रखे हुए है।

    वेदांत के खिलाफ नियमगिरि में रोक की असली वजह भी तेल युद्ध है, जिसमें अंबानी लाबी के वर्चस्व को चुनौती दी है अनिल अग्रवाल ने। ओएनजी केयर्न्स के लिए सालाना पांच सौ मिलियन डालर रायल्टी देती रही है। सरकार ने इससे उसे अब मुक्त कर दिया है और अब वेदांत के लिए यह राशि जनता चुकायेगी। जैसे भोपाल गैस त्रासदी के राहत के मामले में हुआ और परमाणुदायबद्धता की नियति भी वही है।

    एनआरआई को मतदान अधिकार संबंधी बिल राज्य सभा में पेश           
                   
    विदेशों में रह रहे भारतीयों को मतदान का अधिकार देने और इसके लिए एक प्रक्रिया निर्धारित करने के प्रावधान वाला एक विधेयक शनिवार को राज्यसभा में पेश किया गया।
    विधि मंत्री एम वीरप्पा मोइली नेलोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2010 सदन में पेश किया। इससे पहले उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2006 वापस ले लिया, क्योंकि इसमें अनिवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार देने के बारे में तौर-तरीकों सहित कुछ अन्य बातों का ब्यौरा नहीं था।
    मोइली ने कहा मैं लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2006 वापस लेता हूं और नया विधेयक पेश करता हूं क्योंकि यह अधिक व्यापक है। उन्होंने इस बारे में दिए गए एक बयान में कहा कि लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2010 में अनिवासी भारतीयों के नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करने के तरीके, मतदान के तरीके और चुनाव लड़ने के तौर तरीकों आदि का प्रावधान है।
    विधि मंत्री ने कहा अनिवासी भारतीय लंबे समय से मतदान के अधिकार की मांग कर रहे हैं। सरकार का ध्यान इस ओर गया, लेकिन कुछ व्यवहारिक दिक्कतों के कारण यह मांग नहीं मानी जा सकती। इन व्यवहारिक दिक्कतों में, अनिवासी भारतीयों के नाम संबद्ध निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूचियों में शामिल करना, भारत के बाहर रहते हुए चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्धारित संक्षिप्त अवधि के दौरान उन्हें मतदान की अनुमति देना आदि शामिल हैं।
    मोइली ने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की मतदान के अधिकार की मांग जायज है और यह अधिकार देने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी। विधि एवं न्याय मामलों की स्थायी संसदीय समिति ने लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2006 पर विचार किया और इसके स्थान पर एक व्यापक विधेयक लाने की सिफारिश की, जिसमें मतदाता सूची में अनिवासी भारतीयों के नाम दर्ज करने, मतदान का तरीका और चुनाव लड़ने के तौर-तरीके के बारे में व्यापक ब्यौरा हो।
    मोइली ने कहा कि समिति की सिफारिशों के अनुसार, सदन की अनुमति से लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक 2006 को वापस लेने और संसद के वर्तमान सत्र में नया विधेयक पेश करने का निर्णय किया गया।
               
                                             


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    15. 27 Aug 2010 ... परमाणु दायबद्धता खत्म और सांस... Cabinet hikes MPs' perks, salary raise unaltered a... Fwd: विभूति-कालिया: एक पितृसत्तात्मक पटकथा · Fwd: [bangla-vision] Indian Rulers are not Sociali... Fwd: [bangla-vision] Why Kashmire Sikhs should mig. ...

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    1. एनआरआई को मतदान अधिकार संबंधी बिल ...

    2. हिन्दुस्तान दैनिक - 21 अगस्त 2010

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    11. अप्रवासी भारतीयों को मिलेगा मताधिकार

    12. Pressnote.in - 21 अगस्त 2010

    13. नई दिल्ली | विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को, जिन्होंने किसी दूसरे देश की ... इसके जरिए जनप्रतिनिधित्व कानून-1950 में संशोधन करते हुए अप्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार ...

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    15. Pressnote.in - 20 अगस्त 2010

    16. काफी सीमा तक सफल भी हो रहे हैं। हम जैसे लोग भारत में हिन्दूवादी भारतीय जनता पार्टी को .... धार्मिक मामलो में हिन्दू धर्म सभा को निर्णय करने का अधिकार हो, जिसकी उच्च स्तरीय धर्म ...

    17. नेपाल में अनिश्चितता

    18. याहू! जागरण - 10 अगस्त 2010

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    तृणमूल-नक्सली संबंध के संदेह का कोई कारण नहीं : प्रणब

    That's Hindi - ‎5 घंटे पहले‎
    उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और नक्सलियों के बीच संबंध के संदेह का कोई कारण मौजूद नहीं है। मुखर्जी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री बनर्जी के इस आरोप पर गौर करेंगे कि पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) उन इलाकों में हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए शिविर चला रही है जहां संयुक्त सुरक्षा बल नक्सलियों से संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में शामिल बनर्जी का बचाव करते हुए मुखर्जी ने कहा, ...

    आजाद मामले में ममता के समर्थन में उतरे प्रणब

    दैनिक भास्कर - ‎6 घंटे पहले‎
    कोलकाता. माओवादी नेता चेराकुरी राजकुमार उर्फ आजाद के एनकाउंटर मामले में अपने विवादस्पद बयान के बाद अलग-थलग पड़ी तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और केंद्रीय रेलमंत्री ममता बनर्जी को अब एक सहयोगी मिल गया है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि ममता के बयान में कुछ भी गलत नहीं है। जब प्रणब मुखर्जी से पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी का एक सार्वजनिक सभा के दौरान आजाद के एनकाउंटर पर सवाल उठाना और इस मामले की जांच की मांग करना गलत था ...

    आजाद पर ममता का बयान जायज था : प्रणब

    एनडीटीवी खबर - ‎9 घंटे पहले‎
    माओवादियों के नेता चेराकुरी राजकुमार उर्फ आजाद की हत्या के मामले में अपने बयान के लिए विपक्ष की आलोचनाओं का सामना करने वाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का समर्थन प्राप्त हुआ, जिन्हें विवादित बयान में कुछ भी गलत नजर नहीं आया। मुखर्जी से पूछा गया था कि सार्वजनिक मंच से आजाद की हत्या को गलत बताना ममता के संप्रग का हिस्सा होते हुए नाजायज है, तो केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''मुझे ऐसा ...

    ममता ने कुछ भी गलत नहीं कहा - मुखर्जी

    Patrika.com - ‎8 घंटे पहले‎
    नई दिल्ली। माओवादियों के पक्ष में बयान देने के बाद विपक्ष की आलोचना झेल रही रेल मंत्री ममता बनर्जी को अब अपनी सरकार का सहारा मिला है। वित्त मंत्री ने प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इस मामले में हमारा रूख पूरी तरह साफ है इस बारे में मेरी और गृह मंत्री की पीएम से बात हुई है। लेकिन आजाद की मौत जिस हालत में हुई वे स्पष्ट होने चाहिए। प्रणब दा ने कहा कि ममता ने कुछ भी गलत नहीं कहा। मुखर्जी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ममता बनर्जी ने कुछ ...

    नया कर कानून देगा राहत की सौगात

    Business standard Hindi - ‎39 मिनट पहले‎
    आने वाले समय में करदाताओं को काफी राहत मिल सकती है। दरअसल, सोमवार को संसद में प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) पेश होना है जिसमें करदाताओं के लिए छूट का दायरा बढ़ाया गया है। हालांकि, कर की दरों में कोई परिवर्तन नहीं कि ए गए हैं, लेकिन जितनी आय पर इसे लागू किया जाना है, उसमें बढ़ोतरी की गई है। उल्लेखनीय है कि प्रत्यक्ष कर संहिता का पहला मसौदा परिचर्चा पत्र के साथ वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने जारी किया था। परिचर्चा पत्र पर ...

    आम करदाताओं को मिल सकती है राहत

    याहू! जागरण - ‎42 मिनट पहले‎
    नई दिल्ली। सरकार सोमवार को बहुप्रतीक्षित प्रत्यक्ष कर संहिता [डीटीसी] विधेयक पेश करेगी। इसके लागू होने से आम करदाताओं और कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इस विधेयक के अंतिम मसौदे में उतनी राहत नहीं दी गई है, जितनी कि पहले प्रस्तावित थी। सरकार डीटीसी को एक अप्रैल, 2011 से लागू करेगी। यह पुराने आयकर कानून की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वह इस बिल को संसद में पेश करते समय व्यक्तिगत आयकर के लिए ...

    सोमवार को संसद में पेश होगा डीटीसी विधेयक

    वेबदुनिया हिंदी - ‎3 घंटे पहले‎
    सरकार सोमवार को बहुप्रतीक्षित प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक संसद में पेश करेगी जिसके लागू होने से व्यक्तिओं और कंपनियों को आयकर में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। प्रत्यक्ष कर संहिता विधेय के अंतिम मसौदे में हालाँकि उतनी राहत नहीं दी गई जितना की सार्वजनिक चर्चा के लिए जारी मसौदे इसमें उतनी छूट नहीं मिलेगी जितनी मसौदे में पूर्व में प्रस्तावित थी। सरकार को एक अप्रैल 2011 से डीटीसी के लागू होने की उम्मीद है जो पुराने आयकर कानून ...

    डीटीसी के प्रस्तावों से उद्योगों को मिलेगी राहत

    याहू! जागरण - ‎२७-०८-२०१०‎
    नई दिल्ली। कर विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के कारपोरेट टैक्स पर अधिभार और उपकर को समाप्त कर इसे तीन प्रतिशत कम कर 30 प्रतिशत पर लाने के प्रस्ताव को उद्योग जगत को काफी राहत मिलेगी। इससे देश में कारपोरेट टैक्स का स्तर वैश्विक मानक के अनुरुप हो जाएगा। हालांकि, उद्योग जगत चाहता था कि कारपोरेट टैक्स की दर और घटाकर 25 प्रतिशत की जाए। प्रत्यक्ष कर संहिता [डीटीसी] के मसौदे में ऐसा ही प्रस्ताव किया गया था। मंत्रिमंडल द्वारा कल ...

    उद्योग जगत के लिए सजा बना मैट

    दैनिक भास्कर - ‎२७-०८-२०१०‎
    हम तो कारोबारियों को यह भी सुझाव दे रहे हैं कि वह अपनी फर्म को प्राइवेट लिमिटेड में बदलने की जगह पार्टनरशिप में रखें, जिससे वह मैट से बच सकें। न्यूनतम वैकल्पिक कर यानी मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (मैट) उद्योग जगत, खासकर छोटी और निर्यातक कंपनियों के लिए सजा बन गया है। डायरेक्ट टैक्स कोड (डीटीसी) के नए प्रावधानों में मैट को 18 फीसदी की मौजूदा दर से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव है। अगर यह प्रावधान लागू हो जाता है तो छोटी और ...

    कॉर्पोरेट कर पहले जितना ही, कैपिटल गेन पर राहत

    शेयर मंथन - ‎२६-०८-२०१०‎
    मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी यानी डायरेक्ट टैक्स कोड) में कॉर्पोरेट कर यानी कंपनियों पर लगने वाले आयकर को 30% ही रखा गया है। इससे पहले पेश किये गये मसौदे में कॉर्पोरेट कर को घटा कर 25% करने का प्रस्ताव था। हालाँकि कंपनियों को मैट (मिनिमम ऐल्टरनेट टैक्स) में कुछ राहत दी गयी है। वहीं कैपिटल गेन टैक्स के प्रावधानों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया गया है, जिसका मतलब यह है कि लंबी अवधि (1 साल से अधिक) का ...


    ब्लैकबेरी सेवाओं को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम मोल नहीं लगी और वह भी ऐसे समय जबकि इस मुद्दे का हल इसी दुनिया में खोजा जा चुका है।
    दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री सचिन पायलट ने संवाददाताओं से कहा कि ब्लैकबेरी की कुछ सेवाओं को लेकर भारत की जो चिंताएं हैं उनका समाधान दूसरी जगह किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन चिंताओं का समाधान दुनिया में अन्यंत्र खोज लिया गया है, मुझे तो कोई वजह नजर नहीं आती कि जहां तक प्रौद्योगिकीका सवाल है, भारतीय सरकार या सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में किसी तरह का जोखिम क्यों लें।
    सरकार ने ब्लैकबेरी फोन बनाने वाली रिम से कहा है कि वह अपने नेटवर्क से भेजे जाने वाले ईमेल आदि डेटा की तत्काल निगरानी की तकनीकी सुविधा भारतीय एजेंसियों को 31 अगस्त तक उपलब्ध करा दे नहीं तो उसकी डेटा संप्रेषण सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सेवाओं को बंद करने का काम नहीं करती। उन्होंने कहा कि सेवाओं को बंद करना हमारा काम नहीं है। ब्लैकबेरी स्मार्ट फोन सेवा है, जो उपयोक्ताओं को ईमेल जैसे डेटा भेजने की सुविधा उपलब्ध कराती है।
    गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग से कहा है कि अगर कंपनी सुरक्षा चिंताओं को दूर नहीं करती है तो उसकी उसकी ए सेवाएं तुरंत बंद कर दी जाएंगी। पायलट ने हालांकि उम्मीद जताई कि मामले को सुलझा लिया जाएगा।
    ब्लैकबेरी निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन [रिम] ने अपनी कुछ सेवाओं पर सुरक्षा एजेंसियों के एक्सेस के मसले पर कुछ तकनीकी समाधान सरकार को मुहैया कराया है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एक्सेस के मसले पर तकनीकी बातचीत के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रिम द्वारा मुहैया कराया गया समाधान कितना कारगर साबित होगा।
    उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने रिम को 31 अगस्त तक की समयसीमा देते हुए आगाह किया है कि यदि इस समयावधि में वह ब्लैकबेरी की कुछ सेवाओं पर सुरक्षा एजेंसियों को एक्सेस मुहैया कराने में विफल रहती है तो उसे भारत में परिचालन नहीं करने दिया जाएगा। रिम एक सितंबर से ब्लैकबेरी सेवाओं पर 'मैनुएल' एक्सेस देने पर राजी हो गई थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे नकार दिया था।
    उनका कहना था कि जिस व्यक्ति के मोबाइल नंबर को टैप किया जाना है, उसके बारे में जानकारी किसी अन्य के हाथ लगने देना सुरक्षित नहीं होगा। इस मसले पर गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी 30 या 31 अगस्त तक अंतिम फैसला कर सकते हैं।
    इस बीच आईटी एवं संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट ने उम्मीद जताई है कि रिम निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी सुरक्षा चिंताओं का समाधान कर सकेगी।
                    

    संसद में कल पेश होगी डीटीसी विधेयक

    सरकार बहुप्रतीक्षित प्रत्यक्ष कर संहिता [डीटीसी] विधेयक कल पेश करेगी जिसके लागू होने से व्यक्तिओं और कंपनियों को आयकर में कुछ राहत राहत मिलने की उम्मीद है।
    प्रत्यक्ष कर संहिता विधेय के अंतिम मसौदे में हालांकि उतनी राहत नहीं दी गई जितना की सार्वजनिक चर्चा के लिए जारी मसौदे इसमें उतनी छूट नहीं मिलेगी जितनी मसौदे में पूर्व में प्रस्तावित थी। सरकार को एक अप्रैल 2011 से डीटीसी के लागू होने की उम्मीद है जो पुराने आयकर कानून का स्थान लेगा।
    वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि वह बिल को सदन के पटल पर रखते समय निजी वैयक्तिक आयकर स्लैब की घोषणा करेंगे। उन्होंने विधेयक को संसद में पेश किए जाने से पहले इस बारे में विस्तार से कुछ भी बताने से मना कर दिया। उन्होंने केवल इतना ही कहा कि आयकर में छूट की मौजूदा मूल सीमा 1.6 लाख को बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।
    हालांकि सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर विधेयक के तहत 2.0 से 5.0 लाख रुपये की आय पर कर की दर 10 फीसदी, पांच से 10 लाख रुपये पर 20 फीसदी और 10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी की दर से आयकर वसूले जाने का प्रस्ताव है।
    फिलहाल, 1.6 लाख रुपये से 5.0 लाख रुपये तक की आय पर 10 फीसदी, पांच से आठ लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी तथा आठ लाख से अधिक की आय पर 30 फीसदी की दर से कर लगाने का प्रस्ताव है।

    परमाणु विधेयक में संशोधन से उद्योग जगत चिंतित

    देश के विभिन्न उद्योग संगठनों ने परमाणु जवाबदेही विधेयक में संशोधन पर चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि इस विधेयक को मौजूदा स्वरूप में लागू किया गया तो निजी कंपनियां परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से निकल जाएंगी।
    फिक्की के अध्यक्ष राजन भारती मित्तल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि परमाणु दायित्व विधेयक की विवादास्पद धारा 17 न तो कार्यान्वयन लायक है और न ही उचित है।
    मित्तल का तर्क है कि अगर विधेयक को मौजूदा स्वरूप में पारित किया गया तो परमाणु क्षेत्र में उद्योग जगत की भागीदारी बुरी तरह प्रभावित होगी। इसी तरह भारतीय उद्योग परिसंघ [सीआईआई] के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा है कि परमाणु दायित्व विधेयक की धारा 17 [बी] को उद्योग जगत द्वारा बड़े अनाकर्षण के रूप में देखा जा रहा है।
    विधेयक की यह धारा आपूर्तिकर्ताओं तथा सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही अवधि के बारे में है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने कैबिनेट द्वारा हाल ही में मंजूर संशोधनों की प्रति सांसदों को भेजी है जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है।
    प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि इस तरह की व्यवस्था में आपूर्तिकर्ताओं को उनकी आपूर्ति अवधि के बाद भी बीमा कवर की व्यवस्था से उनकी भागीदारी असंभव हो जाएगी।
    भाजपा तथा वामदलों का कहना है कि सरकार द्वारा मंजूर नए संशोधनों से परमाणु कारखानों के लिए उपकरण आपूर्तिकर्ताओं का दायित्व और कम होगा जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
    उल्लेखनीय है कि भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम [एनपीसी] ने कल सरकार को इन संशोधनों के प्रति आगाह करते हुए कहा था कि इससे घरेलू तथा विदेशी कंपनियों के लिए देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में शामिल होना कठिन हो जाएगा। निजी क्षेत्र की लार्सन एंड टुब्रो ने धारा 17 [बी] को आज अस्वीकार्य बताया।
                    

    इस साल भी ईपीएफ पर साढ़े आठ फीसदी ब्याज!

    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन [ईपीएफओ] के अंशधारकों को मौजूदा वित्त वर्ष 2010-11 के लिए भी 8.5 प्रतिशत ब्याज मिलने की संभावना है। यह लगातार छठा साल होगा, जब इस दर से ब्याज दिया जाएगा।
    सूत्रों ने बताया कि ईपीएफओ के शीर्ष निकाय केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड [सीबीटी] की बैठक 10 सितंबर को होनी है। इसमें कर्मचारी भविष्य निधि [ईपीएफ] की ब्याज दर पर फैसला लिया जाना है। उन्होंने कहा कि अपने 4.7 करोड़ अंशधारकों को उनकी जमाओं पर 8.5 प्रतिशत की दर पर ब्याज देने से ईपीएफओ के पास 15.26 करोड़ रुपये की राशि बची रहेगी। संगठन वर्ष 2005-06 से ही अपने अंशधारकों को इस दर से ब्याज दे रहा है।

    डीटीसी के प्रस्तावों से उद्योगों को मिलेगी राहत

    कर विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के कारपोरेट टैक्स पर अधिभार और उपकर को समाप्त कर इसे तीन प्रतिशत कम कर 30 प्रतिशत पर लाने के प्रस्ताव को उद्योग जगत को काफी राहत मिलेगी। इससे देश में कारपोरेट टैक्स का स्तर वैश्विक मानक के अनुरुप हो जाएगा।
    हालांकि, उद्योग जगत चाहता था कि कारपोरेट टैक्स की दर और घटाकर 25 प्रतिशत की जाए। प्रत्यक्ष कर संहिता [डीटीसी] के मसौदे में ऐसा ही प्रस्ताव किया गया था।
    मंत्रिमंडल द्वारा कल प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि कारपोरेट टैक्स का स्तर वर्तमान 30 प्रतिशत पर ही कायम रहेगा। पर इस पर कोई अधिभार या उपकर नहीं होगा।
    घरेलू कंपनियों के लिए अभी कारपोरेट टैक्स की दर अधिभार और उपकर मिलाकर 33.22 प्रतिशत बैठती है, जबकि विदेशी कंपनियों के लिए यह 40 प्रतिशत के करीब बैठती है। विधेयक में घरेलू और विदेशी कंपनियों के लिए कारपोरेट टैक्स की दर एक समान करने का प्रस्ताव है।
    डेलायट के टैक्स पार्टनर सुनील शाह ने कहा कि डीटीसी के प्रस्ताव भारतीय कंपनियों पर कर की दर को वैश्विक मानकों के अनुरुप लाएंगे। भारत अब निचली कर दरों वाला देश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सरकार धीरे-धीरे कर कारपोरेट कर की दर को 25 प्रतिशत पर लाएगी। उसे ऊंची कर से निचली कर दर वाले देश बनाने के लिए कुछ समय चाहिए होगा।
    हालांकि, उद्योग मंडल फिक्की के कर सलाहकार एसबी गुप्ता का कहना है कि कंपनियों का कर का बोझ कम होगा। लेकिनच्यह अच्छा होगा यदि इसे 25 फीसद पर लाया जाता।
    इसके अलावा डीटीसी में न्यूनतम वैकल्पिक कर की दर को बुक मुनाफे के 20 प्रतिशत पर ले जाने का भी प्रस्ताव है। अभी इस कर की दर 18 फीसद है। हालांकि वर्तमान आयकर कानून के तहत अधिभार और उपकर जोड़ने के बाद मैट की दर 19.93 प्रतिशत बैठती है।
    अन‌र्स्ट एंड यंग के कर भागीदार विशाल मल्होत्रा ने कहा कि सरकार ने सकल परिसंपत्ति न्यूनतम वैकल्पिक कर [मैट लगाने] की अवधारणा को छोड़ दिया है और मैट को लाभ पर 20 प्रतिशत की दर से का प्रस्ताव किया है, जिससे अधिभार और उपकर को हटाया जा सके। विभिन्न प्रकार की छूटों के कारण कर के दायरे बाहर निकल जाने वाली कंपनियों के लिए मैट का प्रावधान है जिसकी दर अभी 18 प्रतिशत है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि मैट में वृद्धि से कंपनियों पर बोझ बढ़ेगा।
    केपीएमजी के कार्यकारी निदेशक विकास वासल ने कहा कि कारपोरेट टैक्स की 30 प्रतिशत की दर उचित है, क्योंकि सरकार को अपने राजस्व संग्रहण को कायम रखना है। पर मैट की 20 प्रतिशत की दर उचित नहीं है। इससे कारपोरेट टैक्स और मैट के बीच का अंतर और कम हो गया है।

    वेदांता को केंद्र का करारा झटका

    उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की कोशिशों को बड़ा झटका देते हुए केंद्र ने नियामगिरी बॉक्साइट खनन परियोजना पर ब्रेक लगा दिया है। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने गंभीर गड़बड़ियों के चलते प्रमुख खनन कंपनी वेदांता की करीब 79 अरब रुपये की इस परियोजना के लिए उड़ीसा खनन निगम को दूसरे चरण की वन मंजूरी खारिज कर दी है। साथ ही परियोजना की पर्यावरण अनुमति को भी वापस ले लिया गया है।
    इस मामले को लेकर वन सलाहकार समिति के मंथन पर अंतिम फैसले की जानकारी देते हुए वन व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश के कहा कि परियोजना पर गठित विशेषज्ञ समिति ने गंभीर गड़बड़ियां पाई हैं। वन सलाहकार समिति की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय का हवाला देते हुए रमेश का कहना था कि परियोजना कार्य में वन संरक्षण कानून, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और वन अधिकार कानून के प्रावधानों का खुला उल्लंघन हुआ है। साथ ही मंत्रालय परियोजना के प्रस्तावकों [वेदांता] के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की भी संभावनाएं खंगाल रहा है। रमेश के मुताबिक उड़ीसा सरकार ने वन कानून का उल्लंघन किया है, जबकि उद्योगपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिर्सोसेज ने पर्यावरण संरक्षण कानून की अनदेखी की है।
    पर्यावरण मंत्रालय ने वेदांता के खिलाफ झारखंड की खदानों से बॉक्साइट को गैरकानूनी तरीके से 10 लाख टन क्षमता वाली अपनी अल्युमिनियम रिफाइनरी में लगाने के मामले की भी जांच शुरू कर दी है। वहीं रिफाइनरी की क्षमता को 60 लाख टन तक बढ़ाने को लेकर चल रही कवायद पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए केंद्र ने इस परियोजना विस्तार को स्थगित कर दिया है।
    हालांकि पर्यावरण मंत्री ने लांजीगढ़, कालाहांडी और रायगढ़ जिलों में बन रही परियोजना के अपने फैसले का एलान करने के साथ ही सफाई भी दी। रमेश ने कहा कि उनका निर्णय राजनीति, भावनाओं या किसी भी पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं है। इस बॉक्साइट परियोजना के भविष्य को लेकर उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुलाकात की थी।
    इससे पहले पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय सलाहकार समिति के सदस्य एनसी. सक्सेना की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय कमेटी की परियोजना पर रिपोर्ट हासिल की थी। समिति ने अपनी पड़ताल में इस परियोजना के लिए ग्राम सभा से हासिल सहमति प्रमाणपत्र को फर्जी पाया था। वर्ष 2008 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट की बॉक्साइट खनन परियोजना के लिए उसी साल 11 दिसंबर को सैद्धांतिक पर्यावरण मंजूरी दी गई थी। वहीं अगस्त, 2009 में राज्य सरकार ने फाइनल क्लीयरेंस के लिए आवेदन किया था।
    प्रतिक्रियाएं
    'वन कानूनों के उल्लंघन में वेदांता और राज्य सरकार के अधिकारियों की मिलीभगत थी।'
    -एनसी सक्सेना, अध्यक्ष सक्सेना समिति
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    'उन्होंने [जयराम रमेश] वेदांता की खनन परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी खारिज किए जाने के बारे में कल [सोमवार को] कोई जिक्र नहीं किया था।'
    नवीन पटनायक, उड़ीसा के मुख्यमंत्री
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    'हमने कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया है। कंपनी अब खनिज के वैकल्पिक स्त्रोत तलाशेगी।'
    -वेदांता रिसोर्सेज

    हमने कानून का उल्लंघन नहीं किया: वेदांता

    वन एवं पर्यावरण कानून का उल्लंघन के आरोप में उड़ीसा में 79 अरब रुपये की बाक्साइट खनन परियोजना की मंजूरी सरकार द्वारा खत्म किए जाने पर वेदांता रिर्सोसेज ने मंगलवार को कहा कि उसने कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया और वह खनिज के वैकिल्पक स्त्रोत तलाशेगी।
    कंपनी ने बयान जारी कर कहा, 'वेदांता रिर्सोसेज इस बात की फिर पुष्टि करती है कि लांजीगढ़ अल्युमीना रिफाइनरी के मामले में किसी प्रकार विनियामकीय प्रावधानों का उल्लंघन नहीं किया गया है। नियामगिरी खदान हमारे अधिकार में नहीं है और जबतक सभी मंजूरी नहीं मिल जाती कोई भी खनन गतिविधियां नहीं होंगी।'
    कंपनी ने यह भी कहा कि उड़ीसा सरकार बाक्साइट के वैकल्पिक खदान आवंटित करने पर विचार कर रही है। उल्लेखनीय है कि केंद्र ने निजी क्षेत्र की वेदांता रिर्सोसेज समूह पर वन एवं पर्यावरण कानून के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई करते हुए उड़ीसा में उसकी 79 अरब रुपये की बाक्साइट खनन परियोजना की मंजूरी खत्म कर दी। साथ में उसे कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए यह पूछा है कि पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर क्यों नहीं लांजीगढ़ रिफाइनरी को दी गई मंजूरी समाप्त कर दी जानी चाहिए।

    सस्ते अनाज की जगह गरीबों को सीधे धन देगी सरकार

           
    नई दिल्ली [सुरेंद्र प्रसाद सिंह]। राशन प्रणाली को दुरुस्त करने में नाकाम सरकार ने अब दूसरे उपायों पर विचार करना शुरु कर दिया है। इसी के तहत केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने अब गरीबों को सस्ता अनाज देने की जगह सीधे धन बांटने की योजना बनाई है। इसके पायलट प्रोजेक्ट के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के कुल पांच जिलों को चयनित किया गया है।
    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और हरदोई को चुना गया है, जबकि हरियाणा के पंचकुला और झज्जर जिले को। राजधानी दिल्ली का एक मात्र मध्य जिला पायलट प्रोजेक्ट में शामिल है। प्रस्तावित योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों [बीपीएल] और अंत्योदय अन्न योजना [एएवाई] के परिवारों को सस्ता अनाज देने के बजाय उनके बैंक खाते में रियायत की निर्धारित रकम जमा करा दी जाएगी। सरकार के भीतर भी एक बड़ा वर्ग इस प्रस्ताव का हिमायती है। इससे गरीब अपनी जरूरत के हिसाब से अनाज की खरीद कर सकेगा। संभव है कि वह गेहूं व चावल की जगह मोटा अनाज खरीदे, जिसका मूल्य बाजार में इन दोनों प्रमुख अनाजों से कम होता है।
    केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने वैकल्पिक उपायों में पहले कूपन प्रणाली की भी प्रायोगिक परियोजना चलाई थी, लेकिन इसके नतीजे बहुत संतोषजनक नहीं पाए गए। कई राज्यों ने मौजूदा राशन प्रणाली में तब्दीली कर गरीबों को सस्ता अनाज देने की जगह सीधे नकद भुगतान करने की पैरवी की है। इसी प्रस्ताव के मद्देनजर केंद्र ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से इसके लिए विस्तृत मसौदा मांगा था। खाद्य मंत्रालय द्वारा मसौदे को अंतिम रुप देकर वित्त मंत्रालय की गैर योजना व्यय समिति के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। उसकी मंजूरी मिलने के तत्काल बाद इस पर अमल शुरु कर दिया जाएगा। खाद्य सब्सिडी के रुप में सरकारी खजाने पर लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का बोझ है। इसके बावजूद राशन प्रणाली ज्यादातर राज्यों में ध्वस्त हो चुकी है। प्रणाली में लीकेज रोकने के अब तक के किए गए उपाय नाकाम रहे हैं।
        http://in.jagran.yahoo.com/news/business/general/1_12_6669653.html   

    ...ताकि महंगी न हों दवाएं

    विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारतीय दवा कंपनियों के एक के बाद एक अधिग्रहण से सरकार चौकन्नी हो गई है। माना जा रहा है कि इससे सस्ती जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने दवा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश [एफडीआई] पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। मंत्रालय ने पेटेंटशुदा दवाओं के उत्पादन के लिए तीसरे पक्ष को लाइसेंस देने की व्यवस्था भी अनिवार्य करने की सिफारिश की है।
    वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद को इस सिलसिले में एक संदेश भेजा है। इसमें कहा गया है कि औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग ने दवा क्षेत्र में भारतीय पेटेंट अधिनियम के तहत तीसरे पक्ष के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग शुरू करने का विकल्प आजमाने के लिए एक परिचर्चा पत्र तैयार किया है। औषधि क्षेत्र में स्वत: मंजूरी वाले मार्ग के बजाय सरकारी अनुमति के रास्ते विदेशी निवेश मंजूर करने की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे इस क्षेत्र में अधिग्रहण प्रस्तावों की विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड [एफआईपीबी] में गहन छानबीन हो सकेगी। शर्मा ने उद्योग चैंबर सीआईआई के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा कि सरकार जनता को उचित दाम पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। साथ ही दवा उद्योग के सतत विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2008 में देश की सबसे बड़ी दवा निर्माता रैनबैक्सी को जापान की दाइची सैंक्यो ने 4.6 अरब डॉलर में खरीद लिया था। हाल ही में अमेरिका की अबॉट लैबोरेटरीज ने पीरामल हेल्थकेयर के घरेलू डायग्नॉस्टिक कारोबार का 3.7 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया है।
    अनिवार्य लाइसेंसिंग प्रणाली के तहत सरकार आवश्यकता पड़ने पर पेटेंटधारक कंपनी की अनुमति के बिना भी तीसरे पक्ष यानी किसी अन्य कंपनी को संबंधित दवा के उत्पादन का लाइसेंस दे सकती है। हालांकि देश में दवाओं का आयात बढ़ रहा है, लेकिन निर्यात पर जोर रहने की वजह से घरेलू खपत में वृद्धि काफी धीमी है। वर्ष 2008-09 में दवाओं की घरेलू खपत 45,953 करोड़ रुपये से घटकर 44,579 करोड़ रुपये रह गई।

    समझौता शर्तो को पूरा करेगी वेदांता

           
    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी ने अपनी भारतीय सब्सिडियरी केयर्न इंडिया में बहुलांश हिस्सेदारी वेदांता रिसोर्सेज को बेचे जाने पर केंद्र सरकार के सामने सफाई दी है। ब्रिटेन की कंपनी की तरफ से पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजे गए पत्र में आश्वासन दिया गया है कि वेदांता समूह की यह कंपनी भारत सरकार के साथ केयर्न द्वारा किए गए समझौते की सभी शर्तो को पूरा करने के लिए तैयार है। पेट्रोलियम मंत्रालय केयर्न एनर्जी के इस आश्वासन से काफी संतुष्ट नजर आ रहा है। हालांकि कोई भी अंतिम निर्णय केयर्न के जवाब का पूरा अध्ययन करने के बाद ही किया जाएगा।
    पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि केयर्न एनर्जी का जवाब मिल गया है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। मोटे तौर पर कंपनी ने बताया है कि वेदांता समूह को इक्विटी बेचने के बाद भी भारत सरकार के साथ किए गए समझौतों का पालन किया जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया है कि वेदांता समूह कंपनी की इक्विटी को खरीदने की एक सही उम्मीदवार है।
    ब्रिटेन की इस कंपनी से केयर्न इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने के फैसले के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने तमाम सवाल पूछे थे। मंत्रालय को इस बात की आशंका है एक गैर पेट्रोलियम कंपनी वेदांता को केयर्न इंडिया की इक्विटी बेचने से कहीं इसकी गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़े। यही कारण है कि बीच में सरकारी कंपनियों के जरिए प्रतिस्प‌र्द्धी बोली लगा कर केयर्न इंडिया में ब्रिटिश कंपनी की इक्विटी खरीदने की बात हो रही थी। इस संदर्भ में केयर्न इंडिया की सबसे बड़ी तेल फील्ड मंगला में 30 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली ओएनजीसी से स्थिति का आकलन करने को कहा गया था। हालांकि अब पेट्रोलियम मंत्रालय और ओएनजीसी प्रतिस्पद्र्धा बोली लगाने के पक्ष में नहीं दिखते हैं।
            http://in.jagran.yahoo.com/news/business/general/1_12_6679586.html

    वैज्ञानिकों ने खोजा गेहूं का आनुवांशिक कोड

           
    लंदन। वैज्ञानिकों ने गेहूं के आनुवांशिक कोड [जीनोम] को खोजने का दावा किया है। यह इंसानी आनुवांशिक कोड से पांच गुना ज्यादा बड़ा है। इस खोज को गेहूं का उत्पादन बढ़ाने और खाद्यान्न की कीमतों को काबू में रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के खोजकर्ताओं की अगुआई में वैज्ञानिकों ने गेहूं के आनुवांशिक कोड की खोज में कामयाबी हासिल की है। इससे गेहूं की ऐसी नई प्रजातियों को विकसित करने में मदद मिलेगी, जो मौसम और बीमारी के खतरों से सुरक्षित रहेंगी। सालाना 55 करोड़ टन पैदावार के साथ पूरी दुनिया में खाद्यान्न उत्पादन में गेहूं सबसे आगे है।
    गेहूं के आनुवांशिक कोड को अंतिम रूप देने के लिए अभी और शोध करने की जरूरत है। खोजकर्ता दल में शामिल ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कीथ एडव‌र्ड्स ने बताया कि गेहूं के आनुवांशिक कोड की विशालता और जटिलता ने इस काम को काफी कठिन बना दिया था।
    इस शोध से जुड़े लिवरपूल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंथनी हॉल ने कहा कि रूस में काफी कम पैदावार होने के कारण गेहूं की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। एक अनुमान के मुताबिक अगले 40 साल में गेहूं के उत्पादन में पचास फीसदी की वृद्धि करनी होगी। इस लक्ष्य को हासिल करने में कम लागत में ज्यादा पैदावार देने वाली गेहूं की प्रजातियां काफी अहम होंगी।
           


    3जी रणनीतिक गठजोड़ पर आरकाम की वार्ता जारी

    रिलायंस कम्युनिकेशंस की योजना 3जी कारोबार में अपनी बुनियादी ढांचा एवं प्रौद्योगिकी अन्वेषण इकाई के लिए रणनीतिक सहयोगी जोड़ने की योजना है और वह इसके लिए मोटोरोला तथा एचपी जैसी वैश्विक कंपनियों से बातचीत कर रही है।
    सूत्रों ने बताया कि इस बारे में कंपनी की इंटेल तथा सोनी से भी बातचीत चल रही हैं अनिल अंबानी ग्रुप की दूरसंचार कंपनी आरकाम अपनी 3जी इनोवेशन लैब के लिए सहयोगी तलाश रही है। यह लैब कंपनी ने वायरलैस नेटवर्क बुनियादी ढांचे तथा 3जी मोबाइल सेवा के लिए बनाई है।
    सूत्रों ने कहा कि आरकाम अपनी इस नई इकाई की सेवाएं अन्य कंपनियों तथा सेवा प्रदाताओं के लिए भी उपलब्ध कराएगी ताकि इसमें लगे निवेश का अधिक से अधिक उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि आरकाम ने 3जी सेवाओं के लिए बड़ा धन लगाया है और उपरोक्त कदमों से वह इनके विस्तार के लिए पैसा जुटा सकेगी।

    मंगला तेल क्षेत्र ने लिखी विकास की इबारत

           
    जयपुर। भौगोलिक विविधता वाले राजस्थान प्रदेश के मरुस्थल को कभी ऊंचे और मीलों फैले धारों से पहचाना जाता था, लेकिन इस थार मरुस्थल में निकले पैट्रोलियम पदार्थो के अथाह भंडारों ने भाग्य रेखा के रूप में उज्जवल भविष्य का संकेत दिया है और यह काला सोना की राज्य अर्थ व्यवस्था का मजबूत आधार बनने को है।
    एक वर्ष पूर्व आज ही के दिन यानी 29 अगस्त 2009 को राजस्थान में पेटोलियम उत्पादन शुरू हुआ और इस अल्प अवधि के भीतर ही थार मरुस्थल में हो रहे कच्चे तेल के उत्पादन ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में बढ़ते हुए विकास की नई इबारत लिखी है।
    बाडमेर जिले में स्थित देश के सबसे बड़े तेल भंडार 'मंगला' ने सवा लाख बैरल तेल प्रतिदिन के रिकार्ड उत्पादन को पार कर लिया है। इसके 2011 के शुरू में 1.75 लाख बैरल तेल प्रतिदिन के स्तर को छूने की उम्मीद है। वर्तमान में यह तेल दुनिया की सबसे लंबी उष्मीय पाइपलाइन के जरिए बाडमेर से गुजरात तक तीन खरीदार कंपनियों तक पहुंच रहा है।
    राजस्थान में केयर्न इंडिया व ओएनजीसी ने विश्व की सबसे लंबी सतत उष्मीय व आवरण युक्त तेल पाइपलाइन के जरिए कच्चे तेल की बिक्री शुरू कर दी है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस पाइपलाइन में स्किन इफैक्ट हीट मैनेजमेंट तकनीक का विशेष उपाय किया जाएगा। यह उत्पादन न केवल राजस्थान को हाइड्रोकार्बन सेक्टर में आगे बढ़ने में मदद करेगा बल्कि देश के लिए 20 अरब डालर प्रतिवर्ष तेल आयात खर्च को भी कम करेगा।
    सूत्रों ने बताया कि कच्चे तेल के उत्पादन ने गत वर्ष शून्य से शुरुआत कर महज 12 माह में 1.25 लाख बैरल तेल प्रतिदिन का आंकड़ा पार कर लिया है। अगले वर्ष के अंत तक राजस्थान का यह तेल क्षेत्र तेल उत्पादन के मामले में भारत में प्रथम स्थान पर होगा, जबकि गत वर्ष तक राजस्थान से तेल उत्पादन आरंभ ही नहीं हुआ था।
    सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में भारत औसतन 2,400,000 बैरल तेल प्रतिदिन आयात करता है। उसकी घरेलू उत्पादन की क्षमता लगभग 7,00,000 बैरल प्रतिदिन है। बाडमेर के मंगला तेल क्षेत्र से तेल उत्पादन की आधुनिकतम तकनीक इस तेल क्षेत्र से होने वाले उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर देगी।
    उन्होंने बताया कि मंगला में कच्चे तेल का उत्पादन शुरू होने से लेकर आज तक राजस्थान सरकार को होने वाली राजस्व आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजस्थान सरकार को वित्तीय वर्ष 2010-11 में पेट्रोलियम उत्पादन से 1100 करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी।
    सूत्रों के अनुसार राजस्थान को हासिल होने वाले इस वार्षिक राजस्व में लगातार बढ़ोतरी होने वाली है। एक अनुमान के मुताबिक 1.75 लाख बैरल प्रतिदिन के स्तर पर राजस्थान का तेल क्षेत्र राज्य सरकार को लगभग आठ करोड़ रुपये प्रतिदिन का राजस्व प्रदान करेगा।
    दरअसल थार मरुस्थल आज काले सोने की धरती बन चुका है। वर्ष 2004 के शुरू में केयर्न ने बाडमेर में एक बडा तेल क्षेत्र खोजा, जिसे नाम दिया गया -मंगला। तब से आज तक इस क्षेत्र में भाग्यम, अैश्वर्या, सरस्वती व रागेश्वरी क्षेत्रों सहित 25 से ज्यादा तेल-गैस खोजें हो चुकी हैं।

        अगले सप्ताह महंगा हो सकता है इस्पात

        मानसून की समाप्ति के साथ ही मांग बढ़ने के मद्देनजर इस्पात कंपनियां अगले सप्ताह इस्पात की कीमतों में एक हजार रुपये प्रति टन तक की वृद्धि कर सकती हैं।
    सेल के चेयरमैन सी एस वर्मा ने से कहा, 'रुख सकारात्मक है। मांग बढ़ रही है। घरेलू कीमतें आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय रुख से तय होती हैं। चीन जैसे देशों से आयातित इस्पात के मूल्यों के आकलन के बाद इस्पात कंपनियां कीमतों के बारे में फैसला कर सकती हैं।'
    उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगले महीने इस्पात की कीमतों में एक हजार रुपये प्रति टन तक की वृद्धि हो सकती है। औसतन इस्पात का दाम इस समय 30,000-35,000 रुपये प्रति टन चल रहा है।
    जेएसडब्ल्यू के निदेशक [वाणिज्यिक एवं विपणन] जयंत आचार्य ने कहा, 'कीमतों में वृद्धि का मामला बनता है। पिछले कुछ माह में वैश्विक स्तर पर कीमतों में 50 डालर प्रति टन की वृद्धि हुई है। उत्पादन लागत का दबाव भी है।'
    वैश्विक परिदृश्य कमजोर रहने से पिछले दो-तीन माह से इस्पात के दाम स्थिर बने हुए हैं। इसकी वजह से इस्पात कंपनियां लागत वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। चालू तिमाही के दौरान महत्वपूर्ण कच्चे माल लौह अयस्क और कोकिंग कोयले का दाम लगभग दोगुना हो चुका है।
    एस्सार स्टील के कार्यकारी निदेशक [बिक्री एवं विपणन] विक्रम अमीन ने कहा, 'सितंबर का महीना हमारे लिए अच्छा रहता है। क्योंकि मानसून चला जाता है और त्योहारी सीजन की शुरुआत हो जाती है। बाजार में मजबूती आ रही है।'
    कंपनियों को उम्मीद है कि अब वाहन तथा निर्माण उद्योग की मांग बढ़ेगी। आचार्य ने कहा कि मानसून की वजह से निर्माण तथा बुनियादी ढांचा उद्योग की मांग प्रभावित हुई है। भारत का कुल इस्पात उत्पादन लगभग 7.2 करोड़ टन का है। उत्पादन के मामले में सेल, जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील बाजार की प्रमुख खिलाड़ी हैं।

    मोबाइल से कर सकेंगे शेयरों की ट्रेडिंग

           
    नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। जल्दी ही आप अपने मोबाइल से शेयरों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। शेयर बाजार नियामक सेबी ने मोबाइल ट्रेडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके तहत वही पंजीकृत ब्रोकर यह सेवा दे सकेंगे, जो पहले से ही ऑनलाइन ट्रेडिंग की सुविधा दे रहे हैं। इसके तहत केवल जावा इनैबल्ड हैंडसेटो और ब्लैकबेरी के जरिए ही ट्रेडिंग की जा सकेगी। आमतौर पर तीन हजार या इससे अधिक कीमत वाले मोबाइल फोन में जावा एप्लीकेशन होता है। जावा वाले हैंडसेट में ही कोई सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन इंस्टाल किया जा सकता है।
    सेबी का यह कदम शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। भारत में मोबाइलधारकों की संख्या दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल देश में 63 करोड़ लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह संख्या वर्ष 2001 में महज 50 लाख थी। वहीं इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या दो करोड़ के करीब है। इसका सीधा मतलब है कि मोबाइल फोन के जरिए शेयरों की ट्रेडिंग करने वालों की तादाद ऑनलाइन के मुकाबले बहुत जल्दी ही आगे निकल जाएगी।
    सेबी ने मोबाइल ट्रेडिंग को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक स्टॉक एक्सचेंज यह सुनिश्चित करेंगे कि ब्रोकर सुरक्षित एक्सेस, इंक्रिप्शन, इंटरनेट और वॉयरलेस आधारित ट्रेडिंग की सुरक्षा संबंधी जरूरतों का पालन करेंगे। इंक्रिप्शन [कूटभाषा] किस स्तर की होगी, इसका नियमन दूरसंचार विभाग की नीति और रेग्यूलेशन के तहत होगा। साथ ही वॉयरलेस नेटवर्क के फेल होने की सूरत में ऑर्डर प्लेस करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी जरूर हो।
    सेबी ने दी स्मार्ट ऑर्डर राउटिंग को मंजूरी
    बाजार नियामक ने निवेशकों के हित में एक और फैसला किया है। इसके तहत नियामक ने स्मार्ट ऑर्डर राउटिंग [एसओआर] को मंजूरी दे दी है। इसमें निवेशक को अपने ऑर्डर पर सबसे ज्यादा कीमत मिलेगी, भले ही यह कीमत दूसरे स्टॉक एक्सचेंज में ही क्यों न हो। यानी जिस एक्सचेंज में हो ज्यादा कीमत, उसी में आपका शेयर बिकेगा। यह नई सुविधा नवरात्रि से निवेशकों के लिए उपलब्ध हो सकती है।
    एसओआर ट्रेडिंग को कामयाब बनाने और निवेशकों को परेशानी से बचाने के लिए सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से कहा है कि वे अपने निवेशक शिकायत सेल को मजबूत बनाएं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस नई सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ आम निवेशकों को मिलेगा।
    क्या है एसओआर?
    स्मार्ट ऑर्डर राउटिंग यानी एसओआर किसी खरीद-बिक्री ऑर्डर के लिए स्वत: सबसे अच्छी कीमत खोजने वाला एक्सचेंज न्यूट्रल प्लेटफॉर्म है। एसओआर तकनीकी के तहत कंप्यूटर सौदा पूरा करने के लिए ऑटोमेटिक रूप से खरीद ऑर्डर की स्थिति में सबसे कम कीमत और बिक्री ऑर्डर की दशा में सबसे ज्यादा कीमत को चुनता है। अब चाहे यह कीमत बीएसई में मिले या फिर एनएसई में।
    कैसे मिलेगा फायदा?
    मसलन अगर आपने बंबई स्टॉक एक्सचेंज [बीएसई] में अपने किसी शेयर को बेचने का ऑर्डर प्लेस किया है। मान लीजिए कि इस शेयर की उस समय बीएसई में कीमत 50.10 रुपये है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज [एनएसई] में यह 50.90 रुपये है। मौजूदा व्यवस्था में इस शेयर को बेचने पर निवेशक को 51.10 रुपये की कीमत मिलेगी। वहीं एसओआर के तहत उसे एनएसई की 50.90 रुपये वाली कीमत मिल जाएगी, क्योंकि ज्यादा कीमत होने के कारण निवेशक का ऑर्डर स्वत: ही एनएसई में एक्जीक्यूट हो जाएगा। इस तरह अगर निवेशक 100 शेयर बेच रहा है तो उसे मौजूदा व्यवस्था में जहां 5,110 रुपये मिलेंगे, वहीं एसओआर के तहत 5,190 रुपये, यानी उसे सीधे 80 रुपये का फायदा होगा।
        http://in.jagran.yahoo.com/news/business/general/1_12_6682303.html

    छत्तीसगढ़ ने सर्वोच्च विकास दर की हासिल

    छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2009-10 में देश के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा विकास दर हासिल की है। इस साल प्रदेश की विकास दर 11.49 प्रतिशत रही है।
    प्रदेश सरकार ने एक बयान में नई दिल्ली स्थित केंद्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2009-10 में जीडीपी [सकल घरेलू उत्पाद] की विकास दर के मामले में छत्तीसगढ़ ने सभी प्रदेशों को पीछे छोड़ते हुए 11.49 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है।
    छत्तीसगढ़ की विकास दर दूसरे स्थान पर रहे गुजरात की 10.53 प्रतिशत विकास दर से कहीं ज्यादा है। इसके बाद उत्तराखंड की विकास दर 9.41 प्रतिशत, महाराष्ट्र की 8.59 प्रतिशत, उड़ीसा की 8.35 प्रतिशत और बिहार की विकास दर 4.72 प्रतिशत दर्ज की गई है।
    बयान में कहा गया कि पिछले पांच वर्षो में छत्तीसगढ़ की औसत विकास दर 10.9 प्रतिशत रही है और वर्ष 2009-10 में प्रदेश की औसत प्रति व्यक्ति आय 34,483 रुपये दर्ज की गई है।

        ब्लैकबेरी को मोहलत दे सकती है सरकार

           
    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। ब्लैकबेरी मोबाइल सेवा को लेकर गृह मंत्रालय के रवैये में थोड़ी नरमी आई है। अब मंत्रालय ने कहा है कि अगर इस स्मार्टफोन की निर्माता रिम की ओर से कोई गंभीर प्रस्ताव मिला, जिसे अमल में लाने में कंपनी को थोड़ा समय और चाहिए हो, तो उस पर विचार किया जा सकता है। इससे पहले मंत्रालय ने कनाडा की रिसर्च इन मोशन [रिम] से इसी माह की 31 तारीख तक अपनी मैसेंजर व ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर जैसी सेवाएं खुफिया एजेंसियों को निगरानी के लिए उपलब्ध करवाने के लिए कहा था। अगर कंपनी इस तारीख तक ऐसा नहीं कर पाती तो फिर पाबंदी का सामना करने के लिए तैयार रहे।
    मोबाइल पर ब्लैकबेरी सेवा देने वाली रिम के अधिकारियों के साथ सुरक्षा एजेंसियों के तकनीकी जानकारों की शुक्रवार को भी बैठक जारी रही। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इन तकनीकी विशेषज्ञों को सोमवार तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर गृह सचिव को सौंपनी है। इस रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को गृह सचिव कोई फैसला करेंगे। गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी कहते हैं कि कंपनी को 31 अगस्त की समय सीमा जरूर दी गई थी, लेकिन जरूरत हुई तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। लेकिन शर्त यही है कि कंपनी अपने प्रस्ताव में पूरी तरह ईमानदार दिखे। ऐसा न लगे कि सिर्फ समय काटने के लिए यह प्रस्ताव किया जा रहा है।
    बवाल ब्लैकबेरी का
    सुरक्षा एजेंसियों को ब्लैकबेरी से की जाने वाली वॉयस कॉल या ईमेल से कोई आपत्तिनहीं हैं। मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों से सुरक्षा एजेंसियां इन दोनों का पूरा ब्यौरा ले लेती हैं। उनका एतराज ब्लैकबेरी मैसेंजर व ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर [बीईएस] जैसी सेवाओं को लेकर है, जिन तक सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच नहीं है। क्योंकि ब्लैकबेरी हैंडसेट इन्हें इंक्रिप्टेड कोड [कूटभाषा] में भेजता है। सुरक्षा एजेंसियां इन्हें डीकोड करने की सुविधा चाहती हैं, लेकिन ब्लैकबेरी इसके लिए मना कर रही थी।
    क्या है मैसेंजर सेवा
    इसके तहत संदेशों का आदान-प्रदान रियल टाइम पर यानी बिना किसी देरी के होता है। इसे पुश मेल भी कहा जाता है। यह ठीक इंटरनेट के याहू मैसेंजर, जीटॉक व स्काइपी जैसी सेवाओं की तरह है।
    बीईएस : ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर [बीईएस] संदेश को डिक्रिप्ट कर इसे ईमेल सर्वर में भेज देता है, जहां यह इसी रूप में संग्रहीत रहता है। इसके बाद यहां से इसे ब्लैकबेरी डिवाइस में भेज दिया जाता है।
    http://in.jagran.yahoo.com/news/business/general/1_12_6680732.html

    मुकेश अंबानी विश्व आर्थिक मंच के बोर्ड में

        देश के दिग्गज दौलतमंद मुकेश अंबानी का कारोबारी जगत में रुतबा और बढ़ा है। भारत की सबसे बड़ी कंपनी के मुखिया मुकेश को विश्व आर्थिक मंच [व‌र्ल्ड इकोनॉमिक फोरम] के न्यासी बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है।
    विश्व आर्थिक मंच [डब्ल्यूईएफ] के बोर्ड में फ्रांसीसी टेलीकॉम उपकरण निर्माता अल्काटेल-ल्युसेंट के सीईओ बेन जे. वेरवायनन और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के पूर्व डिप्टी गवर्नर झु मिन को भी चुना गया है। व‌र्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक और कार्यकारी चेयरमैन क्लाज श्वैब ने यह जानकारी दी। डब्ल्यूईएफ दुनिया भर के कंपनी प्रमुखों का साझा मंच है।
    1. राजस्थान प्रमुख तेल उत्पादक राज्य ...

    2. Pressnote.in - 2 घंटे पहले

    3. राजस्थान पिछले एक साल में देश के प्रमुख तेल उत्पादक राज्य के रूप में उभरा है। पिछले साल बाड़मेड़ जिले में आज ही के दिन तेल उत्पादन शुरू हुआ था। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इस ...

    4. मंगला तेल क्षेत्र ने लिखी विकास की ...‎ - याहू! जागरण

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    7. याहू! जागरण

    8. नई प्रणाली से बढ़ सकती है पेट्रोल की ...

    9. Business standard Hindi - 2 घंटे पहले

    10. तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) 1 सितंबर से पेट्रोल की कीमतें बढ़ा सकती है। ... हालांकि पाक्षिक मूल्य प्रणाली के हिसाब से देखें तो 1 सितंबर से तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर मामूली ...

    11. तेल फर्में बढ़ाएंगी पेट्रोल के दाम‎ - Hindi- Economic times

    12. सितंबर में महंगा होगा पेट्रोल‎ - Pressnote.in

    13. और मंहगा होगा पेट्रोल‎ - दैनिक भास्कर

    14. दैनिक भास्कर

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    16. हथियार दिखाकर पेट्रोल पंप से तेल ...

    17. दैनिक भास्कर - 10 घंटे पहले

    18. शनिवार रात को कार सवार दो युवकों ने फेज 8 के एचपी पेट्रोल पंप से कार में तेल फुल करवा और हथियार दिखाकर फरार हो गए। लूटेरे फरार होने के दौरान पंप पर कार्यरत सैल्समैन के हाथ में ...

    19. रूस ने किया चीन को तेल भेजने वाली ...

    20. डी-डब्लू वर्ल्ड - 2 घंटे पहले

    21. रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमीर पुतिन ने चीन को जाने वाली एक तेल पाइपलाइन के एक हिस्से का रविवार को उद्घाटन किया. रूस अपने निर्यात का दायरा यूरोप से बाहर फैलाने की कोशिश कर रहा ...

    22. रूस: तेल पाइपलाइन का उद्घाटन‎ - SamayLive

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    24. अगले साल से शेल गैस क्षेत्रों का भी ...

    25. वेबदुनिया हिंदी - 1 दिन पहले

    26. तेल एवं गैस क्षेत्र के निवेशकों को अब जल्द ही भूगर्भीय चट्टानों से शेल गैस निकासी के लिये ... श्रीवास्तव ने कहा कि शेल गैस के अलावा सरकार का इरादा वर्ष 2012 तक तेल एवं गैस ...

    27. केयर्न इंडिया को केजी बेसिन में मिला ...

    28. Business standard Hindi - 6 दिनों पहले

    29. केयर्न इंडिया ने कहा कि उसने आंध्र प्रदेश के कृष्णा-गोदावरी के ऑनशोर ब्लॉक में तेल एवं गैस ... कंपनी को यह तेल एवं गैस केजी-ओएनएन2003/1 ब्लॉक के नाग्यालंका-1जेड कुएं में मिला है। ...

    30. फिसल जाएगा "राजस्थानी तेल"?‎ - Patrika.com

    31. सौदे को अंजाम देने के लिए केयर्न का ...‎ - Hindi- Economic times

    32. वेदांता के रास्ते में रोड़े नहीं ...‎ - याहू! जागरण

    33. जोश 18 - प्रभात खबर

    34. सभी 15 समाचार लेख »

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    36. याहू! जागरण

    37. देश के 20% तेल का उत्पादन बाड़मेर में

    38. दैनिक भास्कर - 2 दिनों पहले

    39. देश के कुल तेल उत्पादन का बीस प्रतिशत थार के बाड़मेर से मिलने लगा है। मुंबई हाई के बाद तेल उगलने वाला यह सबसे बड़ा आयल फील्ड बन गया है। अगले साल के अंत तक बाड़मेर बेसिन देश का ...

    40. मुंबई में 5 दिनों के बाद नहीं मिलेगा ...

    41. दैनिक भास्कर - 11 अगस्त 2010

    42. अरब सागर में भले ही तेल फैला हो लेकिन इसकी वजह से मुंबई में ईंधन की किल्लत पैदा हो सकती है। ... बंदरगाहों के बंद होने से अब मुंबई पर तेल संकट का खतरा मंडरा रहा हैं। ...

    43. तेल रिसाव रुका, पर समुद्र में ...‎ - Business standard Hindi

    44. विदेशी विशेषज्ञ जुटे तेल फैलाव ...‎ - दैनिक भास्कर

    45. एलीफेंटा की गुफाओं तक पहुंचा चित्रा ...‎ - दैनिक भास्कर

    46. दैनिक भास्कर - नवभारत टाइम्स

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    49. खास खबर

    50. एशियाई बाजार में तेल चमका

    51. वेबदुनिया हिंदी - 4 दिनों पहले

    52. अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बने रहने के बावजूद एशियाई बाजार में बुधवार को कच्चे तेलों के दाम में कुछ चमक देखी गई हालाँकि एक बैरल तेल का दाम 72 डॉलर के दायरे में ही रहा। ...

    53. केयर्न के जरिए तेल कारोबार में उतरी ...

    54. दैनिक भास्कर - 16 अगस्त 2010

    55. अत: इस सौदे के जरिए वेदांता का प्रवेश अब तेल कारोबार में भी हो गया है। वेदांता रिसोर्सेज और उसकी कंपनी सेसा गोवा इडिनबर्ग स्थित केयर्न एनर्जी पीएलसी से 6.65 अरब डॉलर में केयर्न ...

    56. वेदांत का तेल से मेल‎ - Business standard Hindi

    57. कैर्न इंडिया को तेल और गैस का बड़ा ...‎ - जोश 18

    58. वेदांत की तेल कारोबार में घुसपैठ ...‎ - एनडीटीवी खबर

    59. खास खबर - Hindi- Economic times

    60. सभी 32 समाचार लेख »

    1. नून तेल लकडी

    2. नून तेल लकडी. दौड भाग की जिन्दगी से २ लम्हे हमें अपने लिये चुराना चाहिये - ताकि यह विचार कर सको कि-जो हो रहा है या जो कर रहे हो, वह तुम्हें कहाँ ले जा रहा है? जिन्दगी तुम्हें चला ...

    3. noon-tel-lakadi.blogspot.com/ - संचित प्रति - समान

    4. तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग ...

    5. तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी)23 जून 1993 से प्रारंभ हुई एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी है। इसे फॉर्च्यून ग्लोबल 500 द्वारा 335 वें स्थान पर रखा गया ...

    6. hi.wikipedia.org/.../तेल_एवं_प्राकृतिक_गैस_आयोग - संचित प्रति - समान

    7. तेल ने किया पर्यावरण का तेल « Vijay Mitra

    8. 11 मार्च 2009 ... आज़ पेट्रोलिय़म तथा औद्य़ोगिक कचरा समुद्रों का प्रदूषण बढ़ा रहा हैं, तेल के रिसाव-फैलाव ऩई मुसीबतें हैं । इस तेल फैलाव तथा तेल टैंक टूटऩे ऩे समुद्री इकोसिस्टम्स को ...

    9. vimi.wordpress.com/2009/03/.../telpradushan/ - संचित प्रति - समान

    10. Healthy-India.org :: तेल, वसा और गिरियां

    11. एक तेल के बजाय कई तरह के तेल का मिश्रण इस्तेमाल करें, या अलग-अलग तरह के तेल में पक्का खाना खाएं। लेकिन सावधान रहें, तेलों में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है और इनका सीमित मात्रा में ...

    12. healthy-india.org/Hindi/nutrition1.asp - संचित प्रति - समान

    13. BBC Hindi - अंतरराष्ट्रीय ख़बरें - तेल ...

    14. 15 मई 2010 ... तेल रिसाव के मामले में एक दूसरे पर दोषारोपण करने के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तेल कंपनियों को आड़े हाथों लिया.

    15. www.bbc.co.uk/.../100514_obama_oil_vv.shtml - संचित प्रति - iGoogle में जोड़ें

    16. किस काम का कौन सा तेल -खाना-पीना-घर ...

    17. 22 अगस्त 2010 ... तेल को लेकर ना जाने कितने मुहावरे प्रचलित हैं, लेकिन क्या आप वाकई अपने तेल यानी कुकिंग ऑइल के बारे में जानते हैं...

    18. navbharattimes.indiatimes.com/.../6387476.cms - संचित प्रति

    19. इंडियनऑयल कॉर्पोरेशन :: कच्चा तेल

    20. ज़मीन से सीधा निकलने वाला पेट्रोलियम कच्चा तेल कहलाता है - जो अपने प्रयोग और बनावट दोनों की दृष्टि से एक अनूठा विविध द्रव्य है। कच्चा तेल प्रागैतिहासिक जूप्लानक्टन और शैवाल ...

    21. hindi.iocl.com/Products/CrudeOil.aspx - संचित प्रति - समान

    22. पाइप लाइन से तेल चोरी

    23. 16 मार्च 2010 ... गश्ती दल में शामिल कर्ण व मंजीत ने तेल चोरों पर गोलियां चला दीं। करीब पौने घंटे तक दोनों ओर से गोलियां चली। इसके बाद चोर दो टैंकर छोड़कर फरार हो गए। गश्ती दल ने एक खाली ...

    24. www.bhaskar.com/.../100316050610_oil_theft.html - संचित प्रति

    25. प्रकृति या विकासः ग्रीनलैंड के तेल ...

    26. 30 जून 2010 ... ग्रीनलैंड तेल भंडार, प्राकृतिक संपदा, उत्तरी ध्रुव, बर्फ,Greenland oil reserves, natural estate, North Pole, ice,उत्तरी ध्रुव में स्थित ग्रीनलैंड की बर्फ के परतों के नीचे तेल के भंडार हैं।

    27. hindi.webdunia.com/samayik/.../1100630083_1.htm - संचित प्रति

    28. तेल रिसाव, पर्यावरण ,oil, enviorment - Videsh ...

    29. 16 जुलाई 2010 ... मैक्सिको की खाड़ी में क्षतिग्रस्त तेल कुएं से पिछले तीन महीने से हो रहे तेल रिसाव को रोकने में सफलता मिली है लेकिन पर्यावरण को हो रही क्षति अभी भी जारी है।

    30. www.livehindustan.com/news/.../2-2-128438.html - संचित प्रति

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    31. इसके लिए अनुवादित अंग्रेज़ी परिणाम देखें:

    32. तेल (Oil)



        अच्छा है नकली माल, यूरोपीय संघ का दावा

    ब्रांडेड उत्पादों की नकल को लेकर भले ही दुनिया भर में विवाद हो, लेकिन यूरोपीय संघ की एक रिपोर्ट में नकली ब्रांडेड सामान की खरीद-बिक्री को जायज बताया गया है।
    इस रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता को नकली ब्रांडेड डिजाइनर कपड़े कम दामों से मिलने से फायदा होता है। रिपोर्ट में डिजाइनर कंपनियों की उन शिकायतों को खारिज किया गया है, जिसमें कहा गया है, जालसाजी बढ़ने के कारण ब्रांडेड कंपनियों को नुकसान होता है।
    रिपोर्ट के सह-लेखक प्रोफेसर डेविड वॉल के अनुसार इस बात के पुख्ता प्रमाण है कि नकली माल लोगों के बीच ब्रांड की जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि हम नकली दवाओं, एयर क्राफ्ट के कलपुर्जो और अन्य सामान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो वास्तव में नुकसानदायक हैं।
    रिपोर्ट में पुलिस को सुझाव दिया गया है कि उन्हें नकली सामान बेचने वाली दुकानों को बंद कराने में अपना समय नहीं गंवाना चाहिए। यद्यपि ब्रांडेड सामान की जालसाजी को लेकर एक विवाद भी है कि इससे मिलने वाला धन आतंकवाद और अपराधियों के पोषण को जाता है। इसके बावजूद रिपोर्ट में नकली माल पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून की जरूरत महसूस नहीं की गई है।
    रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप में हर साल तीस लाख उपभोक्ता नकली माल खरीदते हैं, जिसमें ब्रांडेड कंपनी का लेबल लगा होता है। इनमें एक तिहाई ब्रिकी इंटरनेट पर होती है।
    नकली माल और यूरोपीय कानून: लंदन में नकली ब्रांडेड सामान बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती है, लेकिन अब सरकार ने इसके उपभोक्ताओं को भी अपराधी बनाने का फैसला किया है। फ्रांस में नकली सामान खरीदने पर न्यूनतम जुर्माना तीन लाख यूरो [करीब 18 लाख रुपये] या तीन साल की जेल है। अन्य यूरोपीय देशों में भी नकली माल खरीदने वालों उपभोक्ताओं को सजा का प्रावधान है।



    जून तिमाही में 9.4 फीसदी रहेगी वृद्धि दर

    प्रोत्साहनों की आंशिक वापसी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.9 से 9.4 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर लगभग उतनी ही रहेगी, जो तीन साल पहले हासिल हुई थी।
    पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद [जीडीपी] की वृद्धि दर के आंकडे़ गुरुवार को जारी किए जाएंगे। इससे पिछली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.6 फीसदी रही थी। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में चीन के बाद सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। चीनी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मार्च तिमाही में 11.9 फीसदी थी।
    इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर छह फीसदी रही थी। यस बैंक की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा, कि अप्रैल-जून की तिमाही आर्थिक वृद्धि दर 9.4 फीसदी रहेगी। पिछले वर्ष के निचले आधार की वजह से वृद्धि दर अधिक रहेगी। यह तिमाही सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली होगी, क्योंकि आगे की तिमाहियों में पिछले साल के ऊंचे आधार प्रभाव की वजह से कमी आएगी।
    विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन की वजह से आर्थिक वृद्धि दर बेहतर रहेगी। अप्रैल-जून की तिमाही में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 11.6 फीसदी रही है।
    विशेषज्ञों ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन के अच्छे प्रदर्शन के साथ आर्थिक वृद्धि दर को सेवा और कृषि क्षेत्र का भी अच्छा सहयोग मिलेगा, जिससे जून की तिमाही चालू वित्त वर्ष की सबसे बेहतर तिमाही साबित होगी।
    एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि हमें कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.2 फीसदी रहने की उम्मीद है। सेवा क्षेत्र के लिए वृद्धि दर 9.5 फीसदी रहेगी। उन्होंने कहा कि जून तिमाही की वृद्धि दर 8.9 फीसदी रहेगी। इससे पिछले वित्त वर्ष की जून तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 1.9 फीसदी तथा सेवा क्षेत्र की 7.5 फीसदी रही थी।
    क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी के जोशी ने कहा कि जून तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ फीसदी रहेगी। उद्योग क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहेगा, जबकि मानसून अच्छा रहने से कृषि क्षेत्र की रफ्तार भी अच्छी रहेगी।
    अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 2010-11 में कुल आर्थिक वृद्धि दर 8.5 फीसदी के ऊपर रहेगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.5 फीसदी रहेगी। यस बैंक की राव ने कहा कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत रहेगी।

    शेयर बाजारों में रहा गिरावट का दौर

    देश के शेयर बाजारों में इस सप्ताह चौतरफा बिकवाली दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 18,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया और निफ्टी भी 5,500 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। सेंसेक्स में इस सप्ताह 2.19 प्रतिशत की गिरावट रही और निफ्टी भी 2.2 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
    भारतीय शेयर बाजार में यह गिरावट कमजोर विदेशी संकेतों के चलते दर्ज की गई। सेंसेक्स में इस सप्ताह कुल 403.41 अंक गिरकर 17,998 अंक और निफ्टी 121.95 अंक गिरकर 5,408.70 अंक पर बंद हुआ। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 186.49 अंक [2.38 प्रतिशत] गिरकर 7,634.71 अंक पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह के अंत में यह 7,821 पर बंद हुआ था।
    बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक पिछले सप्ताह के अंतिम स्तर 9,876 अंक की तुलना में 234.81 अंक [2.38 प्रतिशत] गिरकर 9,640.95 अंक पर बंद हुआ।
    बीएसई पर इस सप्ताह ज्यादातर सेक्टर सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के सूचकांक के अलावा बाकी सभी सूचकांक गिरकर बंद हुए। इस सप्ताह रियल्टी सूचकांक 8.5 प्रतिशत, धातु सूचकांक 3.3 प्रतिशत, बैंकिंग सूचकांक 2.5 प्रतिशत, ऑटोमोबाइल्स सूचकांक 1.86 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी सूचकांक 1.5 प्रतिशत और हेल्थकेयर सूचकांक 1.3 प्रतिशत गिरे।
    बीएसई के सूचकांक सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में गिरावट दर्ज की गई। गिरावट वाली प्रमुख कंपनियों में जयप्रकाश एसोसिएट्स 9.21 फीसदी, रिलायंस इंफ्रस्ट्रक्चर 8.19, हिंडाल्को 8.09, डीएलएफ 7.54, हीरो होंडा मोटर्स 6.86 और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 4.91, रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.89 फीसदी शामिल है।
    जिन कंपनियों में तेजी रही उनमें ओएनजीसी 4.73 फीसदी, भारती एयरटेल 1.95, एनटीपीसी 1.40, स्टेट बैंक आफ इंडिया 0.70 फीसदी शामिल है।
    इस सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजारों में भी नरमी का रुख रहा। डाउ जोंस इस सप्ताह 0.6 प्रतिशत और एसएण्डपी 500 सूचकांक 0.7 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। नास्डाक सूचकांक में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में दूसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर का अनुमान 2.4 प्रतिशत से घटाकर 1.6 फीसदी किए जाने से बाजार में बिकवाली का रुख रहा।
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    1. Apne Vichar: 02/12/10

    2. 12 फ़र 2010... महाबली मान्धाता ने स्वर्ग विजय की इच्छा से देवराज इन्द्र को युदध के लिये ललकारा। .... व्यायाम के पश्चात तेल मालिश करना चाहिए। जाड़े में नहाने के लिए गरम जल का उपयोग ...

    3. uditbhargavajaipur.blogspot.com/2010_02_12_archive.html - संचित प्रति

    4. The President's Speech in Cairo: A New Beginning - Hindi

    5. अफ़ग़ानिस्तान के विपरीत ईराक का युदध ं ् ऐसा था जिसे चुना गया और जिसने मेरे देश में और ..... खाड़ी के बहुत से देश केवल तेल के बल पर समृद्धी प्राप्त कर सके। किन्तु हम सबको यह समझना ...

    6. www.slideshare.net/.../the-presidents-speech-in-cairo-a-new-beginning-hindi - संयुक्त राज्य अमेरिका - संचित प्रति

    7. हिन्दी मीडिया । मीडिया चैनल । खबरें

    8. 25 जन 2009... में मौजूद आपके अपने सवालों के जवाब भी आपके इस युदध में मददगार साबित हो सकते हैं । .... में अंकुर विकल दहलाते हैं खासतौर से एक बच्चे की आंखे गर्म तेल से भेदते हुए। ...

    9. www.hindimedia.in/component/index.php?option=com_content...

    10. कोई नहीं समझ रहा पूर्वांचल का दुख ...

    11. 7 फ़र 2010 ... पर पूर्वांचल की जनता इस छद़म युदध में शामिल नहीं हो रही है। उत्तराखण्ड और झारखण्ड .... दुर्भागय है शाला ब्लाग पर भी लेनी देनी और तेल मालिश शुरू हो गया। आप जेसे लोग हमेशा ...

    12. anandrai.jagranjunction.com/.../कोई-नहीं-समझ-रहा-पूर्वांच/ - संचित प्रति - समान

    13. धर्म संसार: Monday, May 25, 2009

    14. 25 मई 2009... महाबली मान्धाता ने स्वर्ग विजय की इच्छा से देवराज इन्द्र को युदध के लिये ललकारा। ..... ने स्वयं ही यज्ञ को पूरा किया और राजा को तेल के कड़ाह आदि में सुरक्षित रखा। ...

    15. www.dharm.co.cc/2009_05_25_archive.html - संचित प्रति

    16. संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण: May 2010

    17. ... महाबली मान्धाता ने स्वर्ग विजय की इच्छा से देवराज इन्द्र को युदध के लिये ललकारा। ..... राजा निमि का शरीर नष्ट हो जाने पर ऋषियों ने स्वयं ही यज्ञ को पूरा किया और राजा को तेल के ...

    18. vramayan.blogspot.com/2010_05_01_archive.html - संचित प्रति

    19. Maza_Katta: September 2008

    20. 1 Sep 2008 ... वरती रंभा त्याच्या टकलावर तेल थापते आणि उर्वशी पंख्यान् वारा घालते म्हणतात." "म्हणजे ?" ...... आज एक युदध हरल्या सारख वाटत होत आज सगळ्याच्या मनात प्रश्न होता एकच ...

    21. shaileshchakatta.blogspot.com/2008_09_01_archive.html - संचित प्रति - समान

    22. kavita: September 2008

    23. तेल संपत आलय जाणवणारी.. म्हणून अधिकच तेजाने प्रकाशणारी.. ती छोटीशी पणती , ..... आज एक युदध हरल्या सारख वाटत होत आज सगळ्याच्या मनात प्रश्न होता एकच रोज दोघं असतात पण आज हा एकच ...

    24. kavita0.blogspot.com/2008_09_01_archive.html - संचित प्रति

    प्रधानमंत्री आज 'पीपली लाइव' देखेंगे

    दैनिक भास्कर - ‎12 घंटे पहले‎
    प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रविवार को आमिर खान की फिल्म 'पीपली लाइव' देखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री रविवार को इस फिल्म को देखेंगे। अधिकारी ने यह भी कहा कि फिल्म के प्रदर्शन के लिए सात रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आमिर खान मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। किसानों के आत्महत्या के मुद्दे को ...

    प्रधानमंत्री आज "पीपली लाइव" देखेंगे

    खास खबर - ‎14 घंटे पहले‎
    नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रविवार को आमिर खान द्वारा निर्मित बहुचर्चित फिल्म "पीपली लाइव" का एक विशेष प्रदर्शन देखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, ""वह कल इस फिल्म को देखेंगे।"" अधिकारी ने कहा कि आमिर खान फिल्म के प्रदर्शन के लिए सात रेस कोर्स स्थित प्रधानमंत्री आवास पर मौजूद रहेंगे। फिल्म को देखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। इस फिल्म में किसानों के ...

    आज मनमोहन भी देखेंगे 'पीपली लाइव'

    दैनिक भास्कर - ‎15 घंटे पहले‎
    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी तमाम व्यस्तताओं के बीच फिल्म देखने का समय निकाल ही लिया है। वे परिवार और सहयोगियों के साथ रविवार को अपने निवास पर 'पीपली लाइव' फिल्म देखेंगे। यह फिल्म देश के बदहाल किसानों की हालत पर है। इसमें राजनेताओं के साथ-साथ मीडिया पर भी कटाक्ष किया गया है। फिल्म निर्माता आमिर खान ने प्रधानमंत्री निवास 7-रेसकोर्स में इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री काफी ...

    ...जब मनमोहन ने देखी 'पीपली लाइव'

    आज की खबर - ‎37 मिनट पहले‎
    नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार की शाम अपने सात रेसकोर्स मार्ग स्थित आवास पर आमिर खान निर्मित फिल्म 'पीपली लाइव' देखी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने फिल्म के विशेष प्रदर्शन के बाद आईएएनएस को बताया, "डॉ. सिंह ने पूरी रुचि लेकर फिल्म देखी।" ज्ञात हो कि पीपली लाइव किसानों की आत्महत्या और इस मुद्दे पर मीडिया के दृष्टिकोण पर आधारित एक राजनीतिक व्यंग्य है। मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर, उनके पारिवारिक ...

    मनमोहन देखेंगे पीपली लाइव

    डी-डब्लू वर्ल्ड - ‎18 घंटे पहले‎
    अपने बेहद व्यस्त कार्यक्रम से कुछ वक्त निकाल कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रविवार को पीपली लाइव देखेंगे. यह फिल्म कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर व्यंग करती है और बॉक्स पर खासी कामयाब रही है. फिल्म के निर्माता आमिर खान ने प्रधानमंत्री निवास पर फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है. मनमोहन सिंह अपने परिवार के साथ यह फिल्म देखेंगे. इस मौके पर प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ बड़े अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. ...

    प्रधानमंत्री कल देखेंगे फ़िल्म 'पीपली लाइव'

    प्रभात खबर - ‎२८-०८-२०१०‎
    नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कल अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकाल कर आमिर खान की चर्चित फ़िल्म पीपली लाइव देखेंगे जो किसानों की आत्महत्या की पृष्ठभूमि में है. फ़िल्म के निर्माता आमिर ने प्रधानमंत्री आवास में इसके विशेष प्रदर्शन की व्यवस्था की है. श्री सिंह अपने परिवार के सदस्यों के साथ यह फ़िल्म देखेंगे. उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे. इसके पहले आमिर ने लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा ...

    पीपली लाइव और प्रेमचंद में क्या रिश्ता है!

    डी-डब्लू वर्ल्ड - ‎२८-०८-२०१०‎
    फिल्म पीपली लाइव और इसके किरदार नत्था को आज दुनिया जानती है, लेकिन इस बात का पता बहुत कम लोगों को है कि इनका रिश्ता प्रेमचंद से जुड़ता है. वह भी तब से, जब ये दोनों सिर्फ शब्द थे और डायरेक्टर अनुषा रिजवी के जहन में थे. अनुषा बताती हैं कि जब उन्होंने पीपली लाइव की कहानी और किरदारों को पालना पोसना और बड़ा करना शुरू किया, तब बार बार उन्हें प्रेमचंद और उनके महान उपन्यास गोदान के किरदार होरी की याद आ रही थी. रिजवी कहती हैं कि वह एक ...

    पीपली लाइव प्रेमचंद को मेरी श्रद्धांजलि: अनुषा रिजवी

    याहू! जागरण - ‎२८-०८-२०१०‎
    नई दिल्ली। निर्देशिका अनुषा रिजवी ने जब अपनी पहली फिल्म पीपली लाइव के लिए चरित्र के बारे में सोचना शुरू किया तो उनके दिमाग में प्रेमचंद के 1936 में प्रकाशित उपन्यास गोदान का नायक होरी आया। पीपली लाइव महान उपन्यासकर प्रेमचंद को मेरी श्रद्धांजलि है। रिजवी ने कहा कि अपनी फिल्म में उपन्यास के रूपक के रूप में प्रयोग के मोह से खुद को रोक नहीं सकी और किसान की असहाय स्थिति को दर्शाने के लिए होरी महतो जैसे चरित्र लेने का निर्णय ...

    'अपने शहर में भी 'पीपली लाइव' हो गया हूं'

    बीबीसी हिन्दी - ‎8 घंटे पहले‎
    बहुचर्चित फ़िल्म 'पीपली लाइव' के नायक ओंकारदास मानिकपुरी अपनी फ़िल्म रिलीज होने के बाद जब से अपने घर छत्तीसगढ़ के भिलाई पहुंचे हैं, तब से हर रोज़ उनका सम्मान किया जा रहा है. इसी व्यस्तता के बीच हमने जाना ओंकारदास मानिकपुरी यानी 'पीपली लाईव' के नत्था का हालचाल: मैं एक मज़दूर परिवार में पैदा हुआ हूं और मेरे मां-बाप मज़दूरी करते रहे हैं. सच कहूं तो मैं ईंट-गारों के बीच ही पला-बढ़ा हूं. पांचवीं तक पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई-लिखाई ...

    नक्सली हमले में पांच जवान शहीद

    दैनिक भास्कर - ‎7 घंटे पहले‎
    रायपुर/कांकेर. कांकेर जिले के दुगरूकोंदल क्षेत्र में पहाड़ियों पर घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने रविवार सुबह 6.30 बजे के करीब बीएसएफ और जिला पुलिस की संयुक्त पार्टी पर हमला बोल दिया। गोलाबारी में कुल पांच जवान शहीद हो गए। इनमें बीएसएफ के तीन जवानों, जिला पुलिस का एक जवान और एक एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) शामिल है। पुलिस ने भी जमकर मुकाबला किया। नक्सलियों के छिपने के स्थान पर मिले खून के निशानों को देखते हुए पुलिस ने कुछ ...

    नक्सलियों से मुठभेड़ में पांच जवान शहीद

    हिन्दुस्तान दैनिक - ‎5 घंटे पहले‎
    छत्तीसगढ़ के अशांत बस्तर क्षेत्र में रविवार सुबह गश्त लगा रहे सुरक्षा बलों के दस्ते पर नक्सलियों के हमले के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) टीजे लोंगकुमेर ने बस्तर क्षेत्र के मुख्यालय जगदलपुर से बताया, 'नक्सलियों ने घने जंगल में गश्त लगा रहे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), जिला पुलिस बल (डीएफ) के जवानों और विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के एक दल पर घात लगाकर हमला किया। ...

    छत्तीसगढ़: नक्सली हमले में 5 सुरक्षाकर्मी शहीद

    आज तक - ‎4 घंटे पहले‎
    छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में तलाशी अभियान के दौरान 100 से अधिक सशस्त्र नक्सलियों के हमले में रविवार सुबह बीएसएफ के तीन कर्मियों सहित पांच जवान मारे गये और एक घायल हो गया. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने कहा कि गोलीबारी में कम से कम तीन नक्सलियों के भी मारे जाने की संभावना है. रामनिवास ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी और जवान, जिला पुलिस तथा एसपीओ सहित 77 जवान जंगलों में एरिया डोमिनेशन अ5यास के लिए गये थे. ...

    छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभे़ड में 5 जवान शहीद

    खास खबर - ‎9 घंटे पहले‎
    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में रविवार सुबह नक्सलियों से मुठभे़ड में सुरक्षा बलों के पांच जवान शहीद हो गए। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) टी. जे. लोंगकुमेर ने बस्तर क्षेत्र के मुख्यालय जगदलपुर से आईएएनएस को फोन पर बताया, ""नक्सलियों ने घने जंगल में गश्त लगा रहे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), जिला पुलिस बल (डीएफ)के जवानों और विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के एक दल पर घात लगाकर हमला किया।"" उन्होंने बताया, ""इस मुठभे़ड में ...

    छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में पांच जवान शहीद

    दैनिक भास्कर - ‎10 घंटे पहले‎
    कांकेर. छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले के दुर्ग कोंदल थाना क्षेत्न में आज नक्सलियों के हमले में पांच जवान शहीद हो गये और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्नों के अनुसार भुसकी के जंगल में नक्सलियों ने गश्त दल पर घात लगाकर हमला किया। शहीद जवानों में सीमा सुरक्षा बल के प्रधान आरक्षक प्रमोद कुमार सिंह, आरक्षक अरप रक्षित तथा भीमाशंकर, जिला पुलिस बल के आरक्षक विष्णु लोडिया और विशेष पुलिस अधिकारी उपेन्द्र कोमरा शामिल हैं। ...

    छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड, 5 जवान शहीद

    खास खबर - ‎11 घंटे पहले‎
    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के वनक्षेत्र में रविवार सुबह नक्सलियों से मुठभे़ड में सुरक्षा बलों के पांच जवान शहीद हो गए। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) टी. जे. लोंगकुमेर ने बताया, ""नक्सलियों ने घने जंगल में गश्त लगा रहे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), जिला पुलिस बल (डीएफ)के जवानों और विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के एक दल पर हमला किया।"" उन्होंने कहा, ""इस मुठभे़ड में बीएसएफ के दो जवान, डीएफ के दो जवान और एक एसपीओ शहीद हो गए। ...

    नक्सली मुठभेड़ में पाँच जवान मारे गए

    बीबीसी हिन्दी - ‎11 घंटे पहले‎
    छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में नक्सलवादी छापामारों और अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में पाँच जवान मारे गए हैं और तीन अन्य घायल हैं. घटना जिले के पखान्जोर इलाक़े की है जहाँ जंगलों में मोर्चा संभाले 250 से ज़्यादा नक्सलियों ने गश्त कर रहे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को घेर कर उनपर अंधाधुंध गोलियों चलानी शुरू कर दीं. कांकेर के पुलिस अधीक्षक अजय यादव के अनुसार मुठभेड़ लगभग पांच घंटों तक चली और अर्द्ध सैनिक बलों ...

    छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, 5 जवान शहीद

    याहू! जागरण - ‎12 घंटे पहले‎
    रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया जिसमें सीमा सुरक्षा बल के तीन जवान समेत पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने फोन पर बताया कि जिले के दुर्गकोंदल थाना क्षेत्र के अंतर्गत भुस्की गांव के जंगल में नक्सलियों ने रविवार को सीमा सुरक्षा बल और जिला पुलिस बल के संयुक्त दल पर घात लगाकर हमला किया। हमले में बीएसएफ के तीन जवान, जिला पुलिस बल का एक जवान ...

    छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़, पांच जवान शहीद

    Patrika.com - ‎11 घंटे पहले‎
    रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के तीन जवानों शहीद पांच के शहीद होने की खबर है। कांकेर के एसपी अजय यादव ने बताया कि रविवार तड़के बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त टीम पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। संयुक्त टीम दुर्ग कोंडल पुलिस थाने के अंतगर्त भुस्की गांव में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। उन्होंने बताया कि नक्सली हमले के बाद सुरक्षा बलों के ...

    मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर छात्रों ने फेंके अंडे, टमाटर

    That's Hindi - ‎13 घंटे पहले‎
    कोलकाता। लगातार बढ़ती महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शनिवार को योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर अंडे और टमाटर फेंके। साथ ही छात्रों ने जमकर नारेबाजी भी की। यह घटना उस समय की है, जब यहां के प्रेसीडेंसी कॉलेज में यूजीसी द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय सेमीनार में व्याख्यान देने जा रहे थे। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबद्ध स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया ...

    मोंटेक पर अंडे, टमाटर फेंके गए

    खास खबर - ‎14 घंटे पहले‎
    कोलकाता। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जु़डे छात्रों और नक्सलियों से जु़डे छात्रों के समूहों ने शनिवार को योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर अंडे और टमाटर फेंके। छात्रों का यह समूह महंगाई पर नियंत्रण कर पाने में केंद्र सरकार की विफलता का विरोध कर रहा था। फेंके गए अंडे और टमाटर मोंटेक तक नहीं पहुंच पाए। वह इस विरोध प्रदर्शन से पूरी तरह अविचलित दिखे। यह विरोध प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ, ...

    मोंटेक पर छात्रों ने फेंके अंडे-टमाटर

    दैनिक भास्कर - ‎14 घंटे पहले‎
    कोलकाता योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया को महंगाई के मसले पर शनिवार को छात्रों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने उनकी ओर अंडे, टमाटर फेंके। हालांकि भाषण देकर लौट रहे अहलूवालिया तक ये नहीं पहुंच सके। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अर्थशास्त्र पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार के तहत अहलूवालिया व्याख्यान देने पहुंचे थे। माकपा से संबंधित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ...

    वर्षात तक महंगाई में पर्याप्त गिरावट होगी : अहलूवालिया

    खास खबर - ‎14 घंटे पहले‎
    कोलकाता। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शनिवार को कहा कि वर्षात तक महंगाई काफी हद तक नीचे आ जाएगी। अहलूवालिया ने कहा कि सरकार जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर बहुत चिंतित है। उन्होंने कहा कि महंगाई में गिरावट शुरू हो गई है, फिर भी यह अभी ऊंची है। अहलूवालिया ने नेताजी रिसर्च ब्यूरो में एक कार्यक्रम के इतर मौके पर मीडियाकर्मियों को बताया, ""आंक़डों से आप जान सकते हैं कि महंगाई नीचे ...

    मोंटेक पर बरसे अंडे-टमाटर

    प्रभात खबर - ‎22 घंटे पहले‎
    कोलकाता : महंगाई डायन का असर अब छात्रों पर भी दिखने लगा है. उनकी झुंझलाहट भी बाहर आने लगी है. महंगाई पर काबू पाने में सरकार की असफ़लता से नाराज छात्रों ने शनिवार को यहां योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर अंडे और टमाटर फेंके. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबद्ध स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआइ) के समर्थक छात्रों ने अहलूवालिया की तरफ़ अंडे और टमाटर फ़ेंके. ...

    कोलकाता में छात्रों ने मोंटेक सिंह पर अंडे और टमाटर फेंके

    दैनिक भास्कर - ‎२८-०८-२०१०‎
    कोलकाता. महंगाई के मुद्दे पर अपना विरोध जताते हुए कोलकाता के मशहूर प्रेसिडेंसी कॉलेज के वामपंथी छात्रों ने शनिवार को योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया के ऊपर अंडे और टमाटर फेंके। हालांकि, छात्रों द्वारा फेंके गए अंडे और टमाटर सेमिनार हॉल से निकल रहे आहलूवालिया को नहीं लगे। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक अंडे और टमाटर फेंकने वाले छात्र स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्य थे जो सीपीएम की छात्र ईकाई ...

    मोंटेक पर फेंके अंडे और टमाटर

    वेबदुनिया हिंदी - ‎२८-०८-२०१०‎
    महँगाई पर काबू रखने में सरकार की असफलता के खिलाफ अब लोग उग्र होते जा रहे हैं। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया को यहाँ ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा जब कुछ वाम समर्थक छात्रों ने उन पर महँगाई के विरोधस्वरुप अंडे और टमाटर फेंके। हालाँकि यह अलग बात है कि अंडे और टमाटर उन्हें लगे नहीं। अहलूवालिया शनिवार को प्रेजिडेंसी कॉलेज में अर्थशास्त्र पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के ...

    मोंटेक सिंह पर फेंके गए अंडे, टमाटर

    Patrika.com - ‎२८-०८-२०१०‎
    कोलकाता। महंगाई के मुद्दे पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहुलवालिया को कोलकाता में कड़ा विरोध प्रदर्शन झेलना पड़ा। दरअसल प्रेसीडेंसी कॉलेज के वाम दल समर्थित छात्रों ने शनिवार को महंगाई के विरोध में मोंटेक सिंह पर सड़े हुए टमाटर व अंडे फेंके। मोंटेकसेमिनार खत्म कर जाने वाले थे अत: वह अंडों व टमाटरों का निशाना बनने से चूक गए। घटना के समय मोंटेक की पत्नी इशर जज अहलुवालिया भी वहां मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों के ...

    मोंटेक पर छात्रों ने फेंके अंडे और टमाटर

    हिन्दुस्तान दैनिक - ‎२८-०८-२०१०‎
    महंगाई को काबू में रखने को लेकर सरकार की असफलता से नाराज छात्रों ने शनिवार को यहां योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर अंडे और टमाटर फेंके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से संबद्ध स्टूडेंटस फेडरेशन ऑफ इंडिया के छात्रों ने अहलूवालिया की तरफ अंडे और टमाटर फेंके और काले झंडे लहराये। अहलूवालिया यहां प्रेजिडेंसी कालेज में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित ...

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