Wednesday, October 12, 2011

Fwd: [NAAGVANSH] कश्मीर चाहिए , कश्मीरी नहीं , पचास हज़ार हाफ विडो...



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From: Himanshu Kumar <notification+kr4marbae4mn@facebookmail.com>
Date: 2011/10/12
Subject: [NAAGVANSH] कश्मीर चाहिए , कश्मीरी नहीं , पचास हज़ार हाफ विडो...
To: NAAGVANSH <naagvansh@groups.facebook.com>


Himanshu Kumar posted in NAAGVANSH.
कश्मीर चाहिए , कश्मीरी नहीं , पचास हज़ार हाफ...
Himanshu Kumar 6:05pm Oct 12
कश्मीर चाहिए , कश्मीरी नहीं , पचास हज़ार हाफ विडो हैं वहाँ,जिन्हें पता ही नहीं कि वो विधवा हैं या सुहागन ? जिनके पतियों को पूछताछ के लिए ले गयी सेना और वो कभी नहीं लौटे ! पन्द्रह हज़ार माएं हैं बेटों के फोटो लेकर पूछती हैं पुलिस और सेना से कि तुम घर से ले गए थे पूछताछ करने कहाँ हैं ? कभी जानना चाहा इनका दर्द ? कश्मीर हमारा है ! कश्मीरी नहीं ? इस तरह लोगों को कुचल कर किसी भी हिस्से को हम अपने साथ रख सकते हैं ? ये व्यवहार कानूनी , नैतिक, और धार्मिक किस लिहाज़ से सही है ? दिल पर हाथ रख कर बताइए ?

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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/

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