Thursday, May 3, 2012

माओवादियों के चंगुल से रिहा हुए डीएम अलेक्स पॉल

माओवादियों के चंगुल से रिहा हुए डीएम अलेक्स पॉल

Thursday, 03 May 2012 18:48

रायपुर, तीन मई (एजेंसी) सुकमा जिले के अगवा जिलाधिकारी अलेक्स पॉल मेनन को माओवादियों ने रिहा कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन 12 दिन तक माओवादियों के कब्जे में रहने के बाद आज शाम रिहा हो गए। माओवादियों ने मेनन को ताड़मेटला के जंगल से रिहा कर दिया। मेनन ने सबका धन्यवाद दिया। 
ताड़मेटला से मिली जनकारी के मुताबिक, माओवादियों ने आज शाम ताड़मेटला के जंगल से कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन को रिहा कर दिया। माओवादियों ने मेनन को ताड़मेटला में अपने मध्यस्थों को सौंपा तथा इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी वहां बुला लिया था। 
रिहा होने के बाद कलेक्टर मेनन ने राज्य सरकार, प्रदेश की जनता, अपने उच्च अधिकारियों, सभी मध्यस्थों, परिजनों और मीडिया को रिहाई के लिए धन्यवाद दिया।
मेनन ने कहा है कि वह पूरी तरह स्वस्थ्य हैं, लेकिन कुछ थके हुए हैं। यदि सरकार ने चाहा तो सुकमा में लगातार काम करते रहेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि वह पहले सुकमा पहुंचकर अपने परिजनों से मिलना चाहेंगे तथा बाद मेंं इस संबंध में बात करेंगे।
मेनन को इसके बाद जीप से चिंतलनार तक लाया गया। यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का शिविर है। इस दौरान मेनन के साथ माओवादियों के दोनों मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल भी मौजूद थे।  
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने बताया कि रमन सिंह ने कलेक्टर मेनन की रिहाई पर खुशी जताई है तथा इसके लिए राज्य की जनता, सभी मध्यस्थों और मीडिया को धन्यवाद दिया है। 
कुमार ने बताया कि पहले मेनन के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें आगे रवाना किया जाएगा। 
राज्य के नक्सल मामलों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने 'भाषा' को बताया कि लंबे इंतजार के बाद कलेक्टर मेनन रिहा हो गए हैं। पहले कलेक्टर मेनन को वहां से हेलिकाप्टर द्वारा बाहर निकाला जाना था, लेकिन चूंकि अब शाम हो गई है, इसलिए इसमें परेशानी हो सकती है।

इससे पहले आज सुबह माओवादियों के मध्यस्थ बीडी शर्मा और हरगोपाल हेलिकाप्टर से चिंतलनार पहुंचे और वहां से जीप से उन्हें ताड़मेटला भेजा गया। ताड़मेटला पहुंचने के बाद माओवादियों ने मीडिया को बाहर कर दिया तथा लगभग चार घंटे बाद वापस बुलाया और कलेक्टर मेनन को रिहा कर दिया गया। 
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन का माओवादियों ने इस महीने की 21 तारीख को अपहरण कर लिया था तथा इस दौरान उनके दो सुरक्षाकर्मियों को गोली मार दी थी। इस घटना को अंजाम देने के बाद माओवादियों ने राज्य सरकार से अपने 17 साथियों को रिहा करने समेत पांच मांगे सामने रख दी थी। माओवादियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 25 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन बाद में माओवादियों ने अपने एक संदेश में आठ कार्यकताओं को रिहा करने की मांग कर दी थी। इसके लिए राज्य सरकार को दो मई तक का वक्त दिया था। 
इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हरगोपाल ने मध्यस्थ के रूप में पांच दौर की लंबी बातचीत की थी। 
बाद में राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत राज्य में वर्षाें से जेलोंं में बंद आदिवासियों के मामले की जांच और सुनवाई के लिए एक उच्चाधिकार समिति का बनाने का फैसला किया गया है। 
गत मंगलवार की शाम माओवादियों ने संवाददाताओं को संदेश भेजकर कलेक्टर मेनन को आज रिहा करने की बात कही थी।

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